अन्वेषण अध्याय 13 आइए विचार करें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
कबीर के दादाजी आस-पास के बच्चों को स्वैच्छिक रूप से नि:शुल्क पढ़ाते हैं। यह आर्थिक गतिविधि है या गैर-आर्थिक? यह गतिविधि आपके अध्यापक द्वारा विद्यालय में पढ़ाए जाने से किस प्रकार भिन्न है? अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए।
उत्तर

यह गैर-आर्थिक गतिविधि है। दादा जी कुछ भी नहीं लेते — पृष्ठ 184 के शब्द हैं, “आस-पास के बच्चों को नि:शुल्क भूगोल पढ़ाने में...”। यहाँ न धन आता है, न वस्तु का नकद मूल्य; अत: पृष्ठ 186 की परिभाषा के अनुसार यह गैर-आर्थिक है। वे यह कार्य ठीक उन्हीं भावनाओं से करते हैं जिनका उल्लेख पुस्तक करती है — स्नेह, सेवा और पड़ोस के बच्चों के प्रति आदर।

विद्यालय के अध्यापक वही कार्य आर्थिक गतिविधि के रूप में करते हैं, क्योंकि विद्यालय उन्हें नियुक्त करता है और वेतन देता है (पृष्ठ 187 — “एक नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को नियमित रूप से प्रतिमाह किया जाने वाला नियत भुगतान”)। पढ़ाना उनका व्यवसाय है; इसी से उनका परिवार चलता है।

कबीर के दादा जीआपके विद्यालय के अध्यापक
भुगतानकुछ नहीं — नि:शुल्कविद्यालय से प्रतिमाह वेतन
गतिविधि का प्रकारगैर-आर्थिकआर्थिक
क्यों करते हैंस्नेह, सेवा-भाव और पड़ोस को कुछ लौटाने की इच्छा सेयह उनका प्रशिक्षित व्यवसाय है — और अधिकांश शिक्षकों को पढ़ाना प्रिय भी है
क्या पढ़ाया जाए, कौन तय करेवे स्वयं — उस दिन बच्चों को जिसकी आवश्यकता होपाठ्यक्रम, समय-सारणी और विद्यालय का कैलेंडर
उत्तरदायित्ववे किसी दिन पढ़ाएँ या न पढ़ाएँ; कोई बाध्य नहीं कर सकताउपस्थित रहना, पाठ्यक्रम पूरा करना, परीक्षा लेना और जाँचना, विद्यालय तथा अभिभावकों को उत्तर देना
प्रशिक्षण और योग्यताअपना ज्ञान और लंबा जीवन-अनुभवऔपचारिक शिक्षण योग्यता और नियमित प्रशिक्षण
पढ़ाने का मूल्यबिलकुल समान। भूगोल सीखने वाला बच्चा दोनों से समान रूप से सीखता है
यह तुलना क्यों महत्वपूर्ण है: दोनों में अंतर केवल भुगतान का है — उपयोगिता का नहीं, परिश्रम का नहीं, कौशल का नहीं, और सम्मान का तो बिलकुल नहीं। भुगतान मिलने से कार्य अधिक मूल्यवान नहीं हो जाता, और भुगतान न मिलने से कम मूल्यवान नहीं हो जाता। यही एक वाक्य पूरे अध्याय का हृदय है।
कक्षा-चर्चा के लिए: समूह से एक तीखा प्रश्न पूछिए — “क्या दादा जी को भुगतान मिलना चाहिए?” कुछ कहेंगे हाँ, उनका समय मूल्यवान है। कुछ कहेंगे कि भुगतान आ जाने से उस कक्षा का सहज, आत्मीय स्वरूप ही बदल जाएगा। दोनों उत्तर ठीक हैं, और दोनों को सुनना ही चर्चा का उद्देश्य है। सबसे सशक्त पक्ष यह है कि नि:शुल्क देने का उनका निर्णय स्वयं मूल्यवान है — यही सेवा है, जिसकी चर्चा पृष्ठ 191 पर होती है।
प्र2.
आप और आपके परिवार के लिए कौन-सी गैर-आर्थिक गतिविधियाँ महत्वपूर्ण हैं? ये क्यों बहुमूल्य हैं?
उत्तर

यह व्यक्तिगत प्रश्न है, अत: उत्तर आपके अपने घर से आना चाहिए। विधि सरल है — अपने परिवार के एक पूरे दिन को याद कीजिए और हर वह काम लिखिए जिसके लिए किसी को कुछ नहीं मिला। फिर हर काम के आगे लिखिए कि यदि वह न हो तो क्या बिगड़ेगा।

अच्छे उत्तर में क्या होना चाहिए

  • अपने ही घर और मोहल्ले की कम-से-कम पाँच-छह वास्तविक गतिविधियाँ — कोई सामान्य सूची नहीं।
  • हर गतिविधि किस सदस्य द्वारा की जाती है और लगभग कितना समय लेती है।
  • हर एक के लिए स्पष्ट कारण कि वह बहुमूल्य क्यों है — उससे मिलने वाला कल्याण, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य या प्रसन्नता।
  • एक ईमानदार वाक्य उस कार्य के बारे में जो आपके घर में प्राय: अनदेखा रह जाता है, और उसे न्यायपूर्ण ढंग से बाँटने का एक सुझाव।

नमूना उत्तर:

मेरे परिवार की गैर-आर्थिक गतिविधिकौन करता हैयह बहुमूल्य क्यों है
दिन भर का भोजन बनाना और टिफिन लगानामाँ, और रविवार को पिताजीहम सब स्वस्थ रहते हैं और कोई भूखा विद्यालय या काम पर नहीं जाता। बाहर का भोजन कहीं महँगा और कम पौष्टिक होता
छोटी बहन को गृहकार्य में सहायतामैंवह सीखती है, विद्यालय से डरती नहीं, और परिवार का ट्यूशन का व्यय भी बचता है
दादी को समय पर दवा देना और उनके पास बैठनापिताजी और बुआ, बारी-बारी सेउनका स्वास्थ्य स्थिर रहता है और वे अकेलापन नहीं अनुभव करतीं — यह सेवा कोई दवा नहीं दे सकती
घर की सफाई और कपड़े धोनाबँटा हुआ — माँ, भाई और मेरी साप्ताहिक बारी तय हैहम रोग से बचते हैं, और बारी बँटी होने से एक ही व्यक्ति थकता नहीं रहता
घर के आगे और गली में लगे पौधों को पानी देनादादा जीछाया, स्वच्छ हवा और एक ऐसी गली जिसमें चलना सबको अच्छा लगता है
त्योहार से पहले गली और मंदिर परिसर की सफाईगली के सभी परिवार मिलकरपूरे मोहल्ले को लाभ मिलता है, और साथ काम करने से पड़ोसी मित्र बन जाते हैं
रविवार सुबह गली के दो बच्चों को नि:शुल्क पढ़ानामेरे बड़े चचेरे भाईपढ़ाई में पिछड़ रहे दो बच्चे अब पढ़ने लगे हैं — एक व्यक्ति के एक नि:शुल्क घंटे ने उनका पूरा वर्ष बदल दिया

ये बहुमूल्य क्यों हैं — परीक्षा में लिखने योग्य एक अनुच्छेद: इनमें से कोई भी गतिविधि एक रुपया भी नहीं कमाती, फिर भी इनके बिना हमारा परिवार एक दिन भी नहीं चल सकता। ये हमें भोजन, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा देती हैं; सीखने में सहायता करती हैं; बुजुर्गों की देखभाल करती हैं; और हमारे मोहल्ले को ऐसा स्थान बनाती हैं जहाँ लोग एक-दूसरे के काम आते हैं। ये स्नेह, सेवा, कृतज्ञता और आदर से की जाती हैं — ठीक वही भाव जो पृष्ठ 186 गिनाता है। इनका मूल्य किसी बिल पर नहीं छपता, किंतु घर का हर सदस्य उसे अनुभव करता है।

घर पर यह कीजिए: एक सप्ताह तक एक छोटी तालिका बनाइए जिसमें घर का हर अवैतनिक काम और उसे करने वाले का नाम लिखा हो। दो बातें प्राय: चौंकाती हैं। पहली, इन सबका कुल समय कितना बड़ा है — अक्सर एक पूरे कार्यदिवस से भी अधिक। दूसरी, यह कितने असमान रूप से बँटा है। घर के सभी सदस्यों में — लड़कियों और लड़कों, महिलाओं और पुरुषों में — इस कार्य को न्यायपूर्ण ढंग से बाँटना ही इस कार्य का वास्तविक सम्मान है, केवल प्रशंसा करना नहीं।
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