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अद्यतन2026-09-05

प्र1.
पृथ्वी की सतह पर विस्तृत जलाशयों को 'महासागर' और विशाल भूखंडों को 'महाद्वीप' कहा जाता है। महासागर आपस में जुड़े हुए हैं। महाद्वीपों को विभिन्न प्रकार से गिना जा सकता है, किंतु सामान्यत: इन्हें सात महाद्वीपों के रूप में गिना जाता है।
उत्तर

इस सार-बिंदु का विस्तार:

  • महासागर विशाल जलराशियाँ हैं — पाँच, जो सतह के लगभग तीन-चौथाई भाग पर फैली हैं। उनके छोटे विस्तारों के अपने नाम हैं — सागर (अरब सागर), खाड़ी (बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी)।
  • महाद्वीप भूमि के बड़े निरंतर विस्तार हैं, जो सतह के कुछ अधिक एक-चौथाई भाग पर हैं।
  • महासागरों के लिए मुख्य शब्द है 'आपस में जुड़े हुए'। जल अंटार्कटिका के चारों ओर, ड्रेक जलमार्ग से, ग्रीनलैंड के पास से और बेरिंग जलडमरूमध्य से एक से दूसरे में स्वतंत्र रूप से बहता है। मानचित्र की रेखाएँ प्रचलन हैं, अवरोध नहीं।
  • महाद्वीपों के लिए मुख्य वाक्यांश है 'विभिन्न प्रकार से गिना जा सकता है' — चार, पाँच, छह या सात, इस पर निर्भर कि आप अमेरिका, यूरेशिया और अफ्रीका-यूरेशिया को अलग करते हैं या नहीं। सात की गिनती चित्र 2.3 में है और लगभग सर्वत्र यही चलती है।
एक निश्चित और दूसरा क्यों नहीं: महासागर भौतिक रूप से एक हैं, इसलिए उन्हें बाँटना मनुष्य का निर्णय है। महाद्वीप भौतिक रूप से अनेक हैं, इसलिए उन्हें जोड़ना मनुष्य का निर्णय है। दोनों ही सहमतियाँ हैं — इसीलिए भूगोल आपसे केवल संख्या नहीं, उसका कारण जानने को कहता है।
प्र2.
दक्षिणी गोलार्ध की तुलना में उत्तरी गोलार्ध में स्थल भाग अधिक है।
उत्तर

इस कथन को खोलकर देखिए:

 उत्तरी गोलार्धदक्षिणी गोलार्ध
पूर्णत: या अधिकांशत: यहाँ स्थित महाद्वीपयूरोप, एशिया, उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका का अधिकांश भागअंटार्कटिका, आस्ट्रेलिया, दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका का दक्षिणी भाग
स्थल और जललगभग 2/5 स्थल, 3/5 जललगभग 1/5 स्थल, 4/5 जल
केवल यहीं मिलने वाला महासागरआर्कटिक महासागरदक्षिणी (अंटार्कटिका) महासागर
जनसंख्याविश्व के हर 10 में से लगभग 9 लोगलगभग 1 व्यक्ति

यह पृष्ठ 29 के चित्र 2.2 में सीधे दिखाई देता है — उत्तरी ध्रुव वाला मानचित्र स्थल से घिरा एक छोटा महासागर है, जबकि दक्षिणी ध्रुव वाला मानचित्र विशाल महासागर में तैरता एक महाद्वीप।

भारत कहाँ है: संपूर्ण भारत उत्तरी गोलार्ध में है, लगभग 8°N से 37°N के बीच, तथा पूर्वी गोलार्ध में। कर्क रेखा (लगभग 23½°N) देश के बीचोंबीच से गुजरती है।
प्र3.
महासागर सभी प्रकार के समुद्री जीवन को पोषित करते हैं और विश्व की जलवायु में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अत्यधिक मानवीय गतिविधियों के कारण इन पर गंभीर प्रभाव पड़ा है और इन्हें सामूहिक रूप से संरक्षित करने की आवश्यकता है।
उत्तर

इस वाक्य के तीनों भाग, एक-एक करके:

  • समुद्री जीवन। महासागर का वनस्पति जगत शैवाल और समुद्री घास है; उसका प्राणि जगत छोटी मछलियों से लेकर शार्क, डॉल्फिन, स्पर्म ह्वेल, समुद्री कछुए, एंपरर पेंग्विन और गहरे समुद्र के अनगिनत रहस्यमयी जीवों तक फैला है। प्रवाल भित्तियाँ — जैसे मन्नार की खाड़ी और लक्षद्वीप की — पृथ्वी के सबसे समृद्ध आवासों में हैं। सूर्य की रोशनी वाली सतह से अंधेरी गहराइयों तक हर परत का अपना जीवन है।
  • विश्व की जलवायु। महासागर वर्षा देते हैं, ऊष्मा संचित कर धीरे-धीरे छोड़ते हैं और विश्व की आधी से अधिक ऑक्सीजन बनाते हैं। इनके बिना वर्षा नहीं होगी और पृथ्वी मरुस्थल बन जाएगी।
  • मानवीय क्षति। प्रतिवर्ष लाखों टन प्लास्टिक कचरा समुद्र में फेंका जाता है, जो समुद्री जीवों का जीवन संकट में डालता है; प्रदूषण के और भी अनेक प्रकार हैं; और आवश्यकता से अधिक मछली पकड़ना समुद्री जीवन के पतन का बड़ा कारण है।
'सामूहिक' संरक्षण क्यों: महासागर जल की एक ही जुड़ी हुई राशि है, इसलिए एक देश के तट पर फेंका प्लास्टिक दूसरे देश के तट पर पहुँच जाता है और मछलियाँ हर सीमा पार तैरती हैं। कोई एक देश अकेले समुद्र को साफ या सुरक्षित नहीं रख सकता। इसीलिए संयुक्त राष्ट्र ने 8 जून को विश्व महासागर दिवस घोषित किया है और अनेक देश मिलकर हिंद महासागर सुनामी चेतावनी प्रणाली चलाते हैं।
कक्षा 6 का विद्यार्थी क्या कर सकता है: एक बार उपयोग वाले प्लास्टिक थैले और बोतलें मना करना; समुद्र तट या नदी में कचरा कभी न फेंकना (नदियाँ उसे समुद्र तक पहुँचा देती हैं); और सफाई अभियान में भाग लेना — भारत के तट सफाई अभियानों ने हजारों टन कचरा एकत्र किया है।
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