कक्षा ६ सामाजिक विज्ञान अध्याय 2 महासागर एवं महाद्वीप के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
पृथ्वी की सतह का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से एवं कुछ अधिक एक-चौथाई भाग भूमि से ढका है। इसी कारण अंतरिक्ष से पृथ्वी नीली दिखाई देती है और आरंभिक अंतरिक्ष यात्रियों ने इसे 'नीला ग्रह' कहा। सबसे बड़ी जलराशियाँ महासागर कहलाती हैं। ये पाँच हैं — प्रशांत (सबसे बड़ा), अटलांटिक , हिंद , दक्षिणी (अंटार्कटिका) एवं आर्कटिक (सबसे छोटा)। इनके छोटे विस्तार सागर, खाड़ी (Bay एवं Gulf) कहलाते हैं। महासागरों के बीच खींची गई सीमाएँ केवल प्रचलन हैं। वास्तव में सभी महासागर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और समुद्री जल अपने वनस्पति जगत एवं प्राणि जगत सहित एक से दूसरे में बहता रहता है। भूमि के बड़े निरंतर विस्तार को महाद्वीप कहते हैं। महाद्वीपों की गिनती चार से सात तक की जा सकती है; सात की गिनती सबसे अधिक प्रचलित है — एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरोप, आस्ट्रेलिया (बड़े से छोटे क्रम में)
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | अर्थ | अध्याय में कहाँ | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| महासागर | पृथ्वी की सबसे बड़ी जलराशि | पृष्ठ 28, 31–32, चित्र 2.3 | प्रशांत महासागर — पाँचों में सबसे बड़ा |
| महाद्वीप | भूमि का बड़ा निरंतर विस्तार | पृष्ठ 28, 34–35 | एशिया, जिसका भाग भारत है |
| भूखंड | भूमि का एक बड़ा भाग | पृष्ठ 28 | यूरोप और एशिया मिलकर एक ही भूखंड हैं |
| द्वीप | महाद्वीप से छोटा, चारों ओर जल से घिरा भूखंड | पृष्ठ 36–37 | ग्रीनलैंड; अंडमान और निकोबार द्वीप समूह |
| सागर, खाड़ी | महासागर के छोटे विस्तार | पृष्ठ 29 | अरब सागर, बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी |
| गोलार्ध | भूमध्य रेखा के उत्तर या दक्षिण का आधा भाग | पृष्ठ 29, 32, चित्र 2.2 | उत्तरी गोलार्ध में स्थल भाग अधिक है |
| समुद्री | महासागरों एवं सागरों में पाए जाने वाले अथवा उनसे संबंधित | पृष्ठ 31 की पार्श्व टिप्पणी | समुद्री जीवन, समुद्री प्रदूषण |
| वनस्पति जगत | किसी विशेष क्षेत्र अथवा कालखंड में पाए जाने वाले पेड़-पौधे | पृष्ठ 31 की पार्श्व टिप्पणी | शैवाल (Algae) एवं समुद्री घास |
| प्राणि जगत | किसी विशेष क्षेत्र अथवा कालखंड में पाए जाने वाले जीव-जंतु | पृष्ठ 31 की पार्श्व टिप्पणी | मछलियाँ, डॉल्फिन, ह्वेल, समुद्री कछुए |
| अलवणीय जल | बिना खारा जल, जो पीने एवं खेती के काम आता है | पृष्ठ 31 | हिमनद, नदियाँ, झीलें, भूमिगत जल |
| चक्रवात | अत्यधिक वर्षा अथवा प्रचंड हवाओं वाला समुद्री तूफान | पृष्ठ 33 | ओडिशा एवं आंध्र प्रदेश के तट पर आने वाले चक्रवात |
| सुनामी | समुद्र तल में भूकंप या ज्वालामुखी से उठने वाली विशाल लहर | पृष्ठ 33–34 | 26 दिसंबर 2004 की हिंद महासागर सुनामी |
| यूरेशिया | यूरोप और एशिया को एक ही महाद्वीप मानने पर उसका नाम | पृष्ठ 35 | भूगर्भशास्त्री प्राय: यही नाम प्रयोग करते हैं |
| आपदा प्रबंधन | जान-माल की हानि करने वाली घटनाओं का नियंत्रण | पृष्ठ 34 | राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण |
| विश्व महासागर दिवस | संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 8 जून | पृष्ठ 38 | महासागर 'हमारे ग्रह के फेफड़े' हैं |
अभ्यास
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- पाठ्य प्रश्न
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- प्रश्न, क्रियाकलाप और परियोजनाएँ