कुतूहल अध्याय 12 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
कौन-सा तारा हमारे सबसे निकट है?
उत्तर

सूर्य। सूर्य एक तारा है— पृथ्वी के सबसे निकट का तारा।

पृथ्वी से सूर्य की दूरी ≈ 15 करोड़ किलोमीटर = 1 खगोलीय मात्रक (au)
इसके बाद निकटतम तारा: प्रोक्सिमा सेंटाओरी, लगभग 269000 au दूर
अर्थात् सूर्य से हमारी दूरी का लगभग 269000 गुना
इसका महत्त्व: इतना निकट होने के कारण सूर्य एक विशाल चमकते गोले जैसा दिखता है और पृथ्वी को ऊष्मा तथा प्रकाश से भर देता है। प्रोक्सिमा सेंटाओरी भी उसी प्रकार का पिंड है, पर 269000 गुनी दूरी पर होने के कारण वह बिना यंत्र के दिखाई ही नहीं देता।
क्या आप जानते हैं? खगोलीय मात्रक (au) इसीलिए बनाया गया कि अंतरिक्ष की दूरियाँ किलोमीटर में लिखना कठिन है। "बृहस्पति सूर्य से लगभग 5 au दूर है" कहना 78 करोड़ किलोमीटर लिखने से कहीं सरल है।
प्र2.
हमारा सूर्य भी एक तारा है। फिर ऐसा कैसे है कि सूर्य हमें बड़ा दिखाई देता है और इसका प्रकाश पूरे आकाश में फैला रहता है जबकि अन्य तारे रात्रि आकाश में चमकदार बिंदुओं की तरह दिखाई पड़ते हैं और दिन के समय तो ये दिखाई भी नहीं देते?
उत्तर

अंतर दूरी का है, आकार का नहीं।

  • सूर्य अन्य सभी तारों की तुलना में हमसे बहुत अधिक निकट है, इसलिए वह एक बड़ी, चमकती हुई चकती जैसा दिखता है। व्यास में यह पृथ्वी से लगभग 100 गुना बड़ा है, फिर भी 15 करोड़ किलोमीटर दूर होने के कारण उतना बड़ा नहीं दिखता जितना वह वास्तव में है।
  • अन्य सभी तारे अत्यधिक दूर हैं— निकटतम भी 269000 गुनी दूरी पर। इतनी दूरी पर विशाल तारा भी सिकुड़कर प्रकाश का बिंदु रह जाता है। इनमें से अनेक तारे वास्तव में हमारे सूर्य से भी बड़े हैं।
  • दिन के समय सूर्य का प्रकाश इतना तीव्र होता है— और वायुमंडल उसे संपूर्ण आकाश में बिखेर देता है— कि अन्य तारों का क्षीण प्रकाश उसमें दब जाता है। तारे कहीं गए नहीं होते; हम बस उन्हें चमकीली पृष्ठभूमि में अलग नहीं कर पाते।
रोज़ का उदाहरण: अँधेरे कमरे में दीये की लौ स्पष्ट दिखती है, पर उसी दीये को स्टेडियम की तेज़ रोशनी के पास ले जाइए तो वह गायब हो जाता है। दीया तब भी जल रहा होता है— बस उसकी चमक दब जाती है। तारे दीये हैं और दिन का आकाश स्टेडियम की रोशनी।
क्या आप जानते हैं? चंद्रमा पर वायुमंडल न के बराबर है, इसलिए वहाँ सूर्य का प्रकाश बिखरता नहीं। चंद्रमा पर खड़ा अंतरिक्ष यात्री सूर्य के रहते हुए भी तारे देख सकता है। इससे सिद्ध होता है कि तारों को हमसे हमारी वायु छिपाती है, स्वयं सूर्य नहीं।
प्र3.
क्या आकाश में केवल तारे ही विद्यमान हैं? या फिर अन्य पिंड भी हैं जिनकी ओर अभी तक हमारा ध्यान गया ही नहीं है?
उत्तर

अन्य अनेक पिंड भी हैं। तारे तो केवल सबसे स्पष्ट दिखने वाले पिंड हैं। हमारी पृथ्वी, इनमें से कुछ अन्य पिंड और सूर्य— ये सब मिलकर हमारा सौर परिवार बनाते हैं।

पिंडक्या हैउदाहरण
सूर्यएक तारा— सौर परिवार का सबसे बड़ा और सबसे भारी पिंडसौर परिवार की लगभग संपूर्ण ऊर्जा का स्रोत
ग्रहविशाल, लगभग गोलाकार पिंड जो सूर्य की परिक्रमा करते हैंबुध से वरुण तक (कुल आठ)
उपग्रह (चंद्रमा)ग्रहों की परिक्रमा करने वाले पिंडपृथ्वी का चंद्रमा; मंगल के दो चंद्रमा
क्षुद्रग्रहछोटे, चट्टानी, अनियमित आकार के पिंड, अधिकांश मंगल और बृहस्पति के बीचक्षुद्रग्रह पट्टी
धूमकेतुधूल, गैस, पत्थर और बर्फ से बने; सूर्य के निकट लंबी पूँछ बना लेते हैंहेली धूमकेतु
वामन ग्रहसूर्य की परिक्रमा तो करते हैं पर ग्रह की पूरी परिभाषा पर खरे नहीं उतरतेप्लूटो
किसी पिंड का सूर्य के चारों ओर घूमना परिक्रमण कहलाता है।
किसी पिंड का अपने ही अक्ष पर घूमना घूर्णन कहलाता है।
पृथ्वी: एक परिक्रमा ≈ 1 वर्ष  |  एक घूर्णन ≈ 24 घंटे = एक दिन
सुझाव: इन दोनों शब्दों को मिलाइए मत। परिक्रमण = किसी और के चारों ओर घूमना (पृथ्वी सूर्य के चारों ओर)। घूर्णन = अपनी ही जगह पर घूमना (पृथ्वी अपने अक्ष पर)। लट्टू घूर्णन करता है; मेले के झूले में बैठा बच्चा केंद्र की परिक्रमा करता है।
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