कक्षा ६ विज्ञान अध्याय 12 पृथ्वी से परे के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
तारे अपने स्वयं के प्रकाश से चमकते हैं। तारों के जो समूह पैटर्न बनाते प्रतीत होते हैं उन्हें तारा-मंडल कहा जाता था। आजकल तारा-मंडल का अर्थ है आकाश का एक निश्चित क्षेत्र — अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (आई.ए.यू.) ने संपूर्ण आकाश को 88 तारा-मंडलों में बाँटा है। ध्रुव तारा (पोल स्टार) उत्तर दिशा में लगभग अचल दिखाई पड़ता है, इसलिए उत्तरी गोलार्ध में यह उत्तर दिशा बता देता है। इसे सप्तर्षि (बिग डिपर) के कप के अंतिम दो तारों से खोजा जाता है— उनके बीच की दूरी का लगभग पाँच गुना आगे। सूर्य एक तारा है — हमारे सबसे निकट का तारा। यह व्यास में पृथ्वी से लगभग 100 गुना बड़ा है और लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर है (यही दूरी 1 खगोलीय मात्रक, au कहलाती है)। यह पृथ्वी पर ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। ग्रह एक विशाल, लगभग गोलाकार पिंड है जो सूर्य की परिक्रमा करता है। सूर्य से बढ़ती दूरी के क्रम में आठ ग्रह हैं— बुध, शुक्र,
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | अर्थ | अध्याय से उदाहरण | पृष्ठ |
|---|---|---|---|
| तारा | गैसों का अत्यंत गर्म विशाल गोला, जो अपने प्रकाश से चमकता है | सूर्य, लुब्धक (सिरियस), प्रोक्सिमा सेंटाओरी | 227, 232 |
| तारा-मंडल | आकाश का एक निश्चित क्षेत्र, जिसमें प्रायः तारों का कोई जाना-पहचाना पैटर्न होता है | ओरायन, वृष (टॉरस), कैनिस मेजर, अर्सा मेजर | 227 |
| ध्रुव तारा | वह तारा जो उत्तर दिशा में लगभग अचल दिखाई देता है; लिटिल डिपर का अंग | दोनों संकेतक तारों की दूरी के लगभग 5 गुना पर स्थित | 229 |
| सप्तर्षि / बिग डिपर | अर्सा मेजर तारा-मंडल में स्थित सात तारों का पैटर्न | भारतीय लोक-कथाओं में दादी-माँ की चारपाई या नाव | 229 |
| नक्षत्र | किसी तारे या तारा-समूह के लिए भारतीय शब्द | आर्द्रा = बीटलजूज, कृत्तिका = प्लायोडिज, रोहिणी = अल्डेबरान | 228 |
| प्रकाश प्रदूषण | रात्रि के समय अत्यधिक कृत्रिम प्रकाश की उपस्थिति | बड़े नगर से केवल कुछ ही तारे दिखाई देते हैं | 230 |
| परिक्रमण | किसी पिंड का दूसरे पिंड के चारों ओर घूमना | पृथ्वी सूर्य के चारों ओर— लगभग 1 वर्ष; चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर— लगभग 27 दिन | 234, 238 |
| घूर्णन | किसी पिंड का अपने ही अक्ष पर घूमना | पृथ्वी एक घूर्णन में लगभग 24 घंटे लेती है— यही एक दिन है | 234 |
| ग्रह | विशाल, लगभग गोलाकार पिंड जो सूर्य की परिक्रमा करता है | बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, वरुण | 234–235 |
| उपग्रह | ग्रह की परिक्रमा करने वाला पिंड | चंद्रमा; मंगल के दो चंद्रमा; बृहस्पति के अनेक | 237–238 |
| क्षुद्रग्रह | छोटे, चट्टानी, अनियमित आकार के पिंड; अधिकांश मंगल और बृहस्पति के बीच | क्षुद्रग्रह पट्टी; आकार 10 मीटर से लगभग 500 किलोमीटर तक | 239 |
| धूमकेतु | धूल, गैस, पत्थर और बर्फ का पिंड, जो सूर्य के निकट लंबी पूँछ बना लेता है | हेली धूमकेतु— हर 76 वर्ष में; संस्कृत में धूमकेतु | 239–240 |
अभ्यास
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 12.1: आइए, बिंदुओं को जोड़कर पैटर्न बनाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 12.2: आइए, स्थिति का पता लगाने का प्रयास करें
- क्रियाकलाप 12.3: आइए, पहचानने का प्रयास कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 12.4: आइए, पहचानने का प्रयास कीजिए
- पाठ्य प्रश्न
- आइए, और अधिक सीखें
- और भी सीखें