प्र1.
हम जिस स्थान पर हों क्या वहाँ से अपनी पसंद के किसी तारा-मंडल अथवा तारे को ढूँढ़ने का प्रयास कर सकते हैं?
उत्तर
नहीं— हर तारा हर रात हर स्थान से नहीं देखा जा सकता। तीन बातें यह तय करती हैं कि कोई तारा या तारा-मंडल आपको दिखेगा या नहीं।
| निर्धारक | प्रभाव | अध्याय से उदाहरण |
|---|---|---|
| पृथ्वी पर आपका स्थान | आकाश का एक भाग सदा आपके क्षितिज के नीचे रहता है | ध्रुव तारा पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध से नहीं देखा जा सकता |
| वर्ष की कौन-सी रात | पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है, इसलिए रात्रि-आकाश में अलग-अलग तारा-मंडल आते रहते हैं | ओरायन भारत में दिसंबर से अप्रैल तक, सप्तर्षि ग्रीष्म की संध्याओं में |
| स्थानीय परिस्थितियाँ | बादल, चाँदनी, प्रकाश प्रदूषण, धुआँ, धूल, ऊँचे भवन और वृक्ष तारों को ढक देते हैं | बड़े नगर से कुछ ही तारे; नुब्रा में, जहाँ प्रकाश प्रदूषण न के बराबर है, हज़ारों तारे |
तो करना क्या चाहिए? किसी आकाश-मानचित्रण ऐप या ऑनलाइन संसाधन से पता कीजिए कि आपके अपने नगर से आपका चुना हुआ पिंड कब और आकाश के किस भाग में दिखाई देगा, फिर कोई साफ, चंद्रमा-विहीन रात चुनिए।
दक्षिणी गोलार्ध से ध्रुव तारा क्यों नहीं दिखता: वह पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव के ऊपर है। दक्षिणी गोलार्ध में खड़े व्यक्ति के लिए स्वयं पृथ्वी का उभार उस दिशा को रोक देता है, इसलिए वह तारा क्षितिज से ऊपर आता ही नहीं।