प्र1.
सप्तर्षि को देखने के लिए ग्रीष्म-ऋतु के दौरान, रात्रि के लगभग 9 बजे आकाश का अवलोकन करें। इसके लिए आकाश के उत्तरी भाग में देखें और सप्तर्षि को पहचानें।
उत्तर
प्रेक्षण: ग्रीष्म ऋतु की किसी साफ रात को लगभग 9 बजे उत्तर की ओर मुँह करके देखिए। आकाश में ऊपर की ओर सात अपेक्षाकृत चमकीले तारे करछी के आकार में दिखाई देंगे— चार तारे कप बनाते हैं और तीन तारे थोड़ा मुड़ा हुआ हत्था।
- यही बिग डिपर है, जिसे भारत में सप्तर्षि (सात ऋषि) कहा जाता है।
- यह अर्सा मेजर तारा-मंडल के अंदर स्थित है।
- हत्थे के बीच वाले तारे के ठीक पास एक धुँधला साथी तारा है— यदि आप उसे बिना यंत्र के अलग देख पाएँ तो आपकी दृष्टि और आपका आकाश, दोनों उत्तम हैं।
सुझाव: ऐसी रात चुनिए जब आकाश में चंद्रमा न हो। चाँदनी धुँधले तारों को ढक देती है, और अगले चरण में आपको धुँधले तारे ही चाहिए।