प्र1.
चित्र 12.2 में रात्रि-आकाश के एक भाग में चमकीले तारों को दर्शाया गया है। इसका ध्यानपूर्वक अवलोकन कीजिए और इसमें तारों के एक समूह द्वारा बने पैटर्न की कल्पना कीजिए। तारों को रेखाओं द्वारा जोड़िए और पैटर्न बनाइए। आपके द्वारा बनाए गए पैटर्न से मिलते-जुलते जिस जंतु या वस्तु का विचार आपके मन में आता है उसका नाम अपने पैटर्न के पास लिखिए। उपरोक्त चरणों को दोहराइए और कुछ अन्य पैटर्न बनाइए। अब अपने पैटर्न से संबंधित कोई रोचक कहानी सोचिए।
उत्तर
कैसे कीजिए: पेंसिल लीजिए, चित्र 12.2 के प्रत्येक चमकीले तारे पर हल्का-सा बिंदु लगाइए (धुँधले तारों को छोड़ दीजिए) और फिर उनमें से चार से आठ बिंदुओं को सरल रेखाओं द्वारा जोड़िए। सभी तारों को जोड़ने का प्रयास न कीजिए— अच्छा पैटर्न कुछ ही तारों से बनता है।
- पहले सबसे चमकीले तारे चुनिए। आकाश में भी वही सबसे पहले दिखाई देते हैं।
- उन्हें सीधी, सरल रेखाओं से जोड़िए— वर्ग, त्रिभुज, हुक अथवा शृंखला।
- स्वयं से पूछिए— यह आकृति मुझे किसकी याद दिलाती है? वही नाम उसके पास लिख दीजिए।
- अब उसी चित्र के किसी अन्य तारा-समूह पर यही प्रक्रिया दोहराइए।
नमूना उत्तर: एक विद्यार्थी ने उसी चित्र से चार पैटर्न बनाए और हर एक के साथ एक कहानी जोड़ी—
| आपके द्वारा बनाई आकृति | आपका दिया नाम | कहानी |
|---|---|---|
| आयत बनाते चार तारे, एक कोने से निकलते तीन और तारे | दादी-माँ की चारपाई | तीन चोर चुपके से वह चारपाई खींच ले जा रहे हैं जिस पर दादी सो रही हैं। दादी कभी जागती ही नहीं, इसलिए चोरों को हर रात उसे लेकर आकाश का चक्कर लगाना पड़ता है। |
| पाँच तारों की लंबी वक्र शृंखला | मोर की पूँछ | वर्षा में नाचते-नाचते मोर ने पूँछ इतनी फैलाई कि पंख आकाश में ही अटक गए। |
| छोटी पूँछ वाला त्रिभुज | पतंग | मकर संक्रांति पर एक बालक की पतंग की डोर टूट गई और वह इतनी ऊँची उड़ी कि फिर कभी नीचे नहीं आई। |
| एक पंक्ति में तीन तारे, ऊपर दो और नीचे दो | बैलगाड़ी | मंडी को अनाज ले जाती किसान की गाड़ी— बीच के तीन तारे उसका जुआ हैं। |
इसका कोई एक सही उत्तर क्यों नहीं है: ये रेखाएँ काल्पनिक हैं। आकाश में तारों को कुछ भी नहीं जोड़ता। जिस-जिस ने आकाश देखा, उसने अलग रेखाएँ खींचीं और अलग कहानी सुनाई— और वे सब इस क्रियाकलाप के सही उत्तर हैं।
क्या आप जानते हैं? ठीक यही सात तारे भारत में सप्तर्षि हैं, यूरोप में बड़ा भालू, ब्रिटेन में हल और कोंकण-तट के मछुआरों के लिए नाव।