कुतूहल अध्याय 12 क्रियाकलाप 12.1: आइए, बिंदुओं को जोड़कर पैटर्न बनाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
चित्र 12.2 में रात्रि-आकाश के एक भाग में चमकीले तारों को दर्शाया गया है। इसका ध्यानपूर्वक अवलोकन कीजिए और इसमें तारों के एक समूह द्वारा बने पैटर्न की कल्पना कीजिए। तारों को रेखाओं द्वारा जोड़िए और पैटर्न बनाइए। आपके द्वारा बनाए गए पैटर्न से मिलते-जुलते जिस जंतु या वस्तु का विचार आपके मन में आता है उसका नाम अपने पैटर्न के पास लिखिए। उपरोक्त चरणों को दोहराइए और कुछ अन्य पैटर्न बनाइए। अब अपने पैटर्न से संबंधित कोई रोचक कहानी सोचिए।
उत्तर

कैसे कीजिए: पेंसिल लीजिए, चित्र 12.2 के प्रत्येक चमकीले तारे पर हल्का-सा बिंदु लगाइए (धुँधले तारों को छोड़ दीजिए) और फिर उनमें से चार से आठ बिंदुओं को सरल रेखाओं द्वारा जोड़िए। सभी तारों को जोड़ने का प्रयास न कीजिए— अच्छा पैटर्न कुछ ही तारों से बनता है।

  1. पहले सबसे चमकीले तारे चुनिए। आकाश में भी वही सबसे पहले दिखाई देते हैं।
  2. उन्हें सीधी, सरल रेखाओं से जोड़िए— वर्ग, त्रिभुज, हुक अथवा शृंखला।
  3. स्वयं से पूछिए— यह आकृति मुझे किसकी याद दिलाती है? वही नाम उसके पास लिख दीजिए।
  4. अब उसी चित्र के किसी अन्य तारा-समूह पर यही प्रक्रिया दोहराइए।

नमूना उत्तर: एक विद्यार्थी ने उसी चित्र से चार पैटर्न बनाए और हर एक के साथ एक कहानी जोड़ी—

आपके द्वारा बनाई आकृतिआपका दिया नामकहानी
आयत बनाते चार तारे, एक कोने से निकलते तीन और तारेदादी-माँ की चारपाईतीन चोर चुपके से वह चारपाई खींच ले जा रहे हैं जिस पर दादी सो रही हैं। दादी कभी जागती ही नहीं, इसलिए चोरों को हर रात उसे लेकर आकाश का चक्कर लगाना पड़ता है।
पाँच तारों की लंबी वक्र शृंखलामोर की पूँछवर्षा में नाचते-नाचते मोर ने पूँछ इतनी फैलाई कि पंख आकाश में ही अटक गए।
छोटी पूँछ वाला त्रिभुजपतंगमकर संक्रांति पर एक बालक की पतंग की डोर टूट गई और वह इतनी ऊँची उड़ी कि फिर कभी नीचे नहीं आई।
एक पंक्ति में तीन तारे, ऊपर दो और नीचे दोबैलगाड़ीमंडी को अनाज ले जाती किसान की गाड़ी— बीच के तीन तारे उसका जुआ हैं।
इसका कोई एक सही उत्तर क्यों नहीं है: ये रेखाएँ काल्पनिक हैं। आकाश में तारों को कुछ भी नहीं जोड़ता। जिस-जिस ने आकाश देखा, उसने अलग रेखाएँ खींचीं और अलग कहानी सुनाई— और वे सब इस क्रियाकलाप के सही उत्तर हैं।
क्या आप जानते हैं? ठीक यही सात तारे भारत में सप्तर्षि हैं, यूरोप में बड़ा भालू, ब्रिटेन में हल और कोंकण-तट के मछुआरों के लिए नाव
प्र2.
आपने जो पैटर्न बनाया है उसकी तुलना अपने मित्रों द्वारा बनाए गए पैटर्न से कीजिए। क्या ये पैटर्न एक जैसे हैं या भिन्न हैं? अपनी कहानी दूसरों को सुनाइए और उनकी कहानी आप सुनिए। क्या आपके और आपके साथियों के पैटर्न, नाम और कहानी अलग-अलग हैं? अगर ऐसा है तो क्या यह रोचक बात नहीं है?
उत्तर

पैटर्न प्रायः भिन्न ही होते हैं— और यही इस क्रियाकलाप का मुख्य उद्देश्य है।

  • दो मित्र उन्हीं बिंदुओं में से अलग-अलग तारे चुन सकते हैं।
  • यदि तारे वही हों, तब भी उन्हें अलग क्रम में जोड़ने पर आकृति बदल जाती है।
  • और यदि आकृति भी वही हो, तो भी नाम इस बात पर निर्भर करता है कि उस विद्यार्थी के आस-पास कौन-सी वस्तुएँ हैं— चारपाई, पतंग, नाव, बैलगाड़ी या बल्ला।
ऐसा क्यों होता है: पैटर्न आकाश नहीं, हमारी कल्पना बनाती है। इसलिए वह उसी व्यक्ति के जीवन से आकार लेता है जो कल्पना कर रहा है। मछुआरे को नाव दिखती है, किसान को हल या गाड़ी, शिकारी को शिकारी। इसीलिए एक ही सात तारों के संसार भर में दर्जनों नाम हैं।
स्वयं जाँचिए: पाँच साथियों से उनके चित्र दिखाने को कहिए, पर नाम न बताने दीजिए। क्या आप हर आकृति पहचान पाते हैं? यदि नहीं, तो यही सिद्ध करता है कि ये पैटर्न कितने निजी होते हैं।
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