कक्षा ६ विज्ञान अध्याय 11 प्रकृति की अमूल्य संपदा के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
प्रकृति से प्राप्त होने वाली प्रत्येक वस्तु प्राकृतिक संसाधन है— वायु, जल, सूर्य से ऊर्जा, वन, मृदा, चट्टानें, खनिज और जीवाश्म ईंधन। इनसे मानव द्वारा बनाई गई वस्तुएँ (बल्ब, फर्नीचर, सौर पैनल, साइकिल) मानव-निर्मित संसाधन कहलाती हैं। वायु गैसों का मिश्रण है— लगभग 78% नाइट्रोजन, 21% ऑक्सीजन तथा 1% आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड एवं अन्य गैसें । चलती हुई वायु पवन कहलाती है, और मुप्पंडल (तमिलनाडु), जैसलमेर (राजस्थान) तथा ब्रह्मवेल (महाराष्ट्र) जैसे पवनचक्की फार्म इससे विद्युत उत्पन्न करते हैं। पृथ्वी की सतह का लगभग दो-तिहाई भाग जल से घिरा है, परंतु अधिकांश जल लवणीय है। तालाबों, नदियों, झीलों और कुँओं का बहुत थोड़ा मृदु जल ही सहजता से उपलब्ध है— इसीलिए वर्षा जल संचयन (राजस्थान की बावड़ी, गुजरात की वाव) भारत की सदियों पुरानी परंपरा है। सूर्य पृथ्वी पर ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। पौधे सूर्य के प्रकाश से भो
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| शब्द | अर्थ | अध्याय से उदाहरण | पृष्ठ |
|---|---|---|---|
| प्राकृतिक संसाधन | प्रकृति से प्राप्त वे सभी वस्तुएँ जिनका हम उपयोग करते हैं | वायु, जल, सौर-ऊर्जा, वन, मृदा, चट्टानें, खनिज, जीवाश्म ईंधन | 217 |
| मानव-निर्मित संसाधन | प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके मानव द्वारा बनाए गये संसाधन | विद्युत बल्ब, फर्नीचर, सौर पैनल, साइकिल | 217 – 218 |
| नवीकरणीय संसाधन | वे संसाधन जिनका उचित समयावधि में नवीनीकरण, पुनःपूर्ति या पुनर्स्थापन हो जाता है | वायु, जल, वन | 218 |
| अनवीकरणीय संसाधन | सीमित मात्रा में उपलब्ध वे संसाधन जिनकी उचित अवधि में पूर्ति नहीं होती | खनिज, मृदा, चट्टानें, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस | 218 |
| वायु | पृथ्वी के चारों ओर उपस्थित गैसों का मिश्रण | नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन 21%, आर्गन + कार्बन डाइऑक्साइड + अन्य 1% | 203 |
| पवन | चलती हुई वायु— मंद हो तो बयार, तेज हो तो आँधी | फिरकी को घुमाती है; पवनचक्की के पंखों को घुमाती है | 203 – 204 |
| मृदु (अलवणीय) जल | लवण-रहित जल, जो पीने, कृषि और उद्योग के योग्य होता है | नदियाँ, झीलें, तालाब, कुएँ, बर्फ की चादरें, भू-जल | 205 – 206 |
| वर्षा जल संचयन | वर्षा के जल को बड़ी मात्रा में एकत्रित एवं संग्रहित करना | छत से जल संचयन; राजस्थान की बावड़ी, गुजरात की वाव | 207 |
| वन | विभिन्न प्रकार के पौधों की सघन वृद्धि वाला बड़ा क्षेत्र | अज्जी के गाँव के पास पश्चिमी घाट का वन | 210 |
| मृदा | सूर्य, जल एवं सजीवों द्वारा चट्टानों के विघटन से हजारों वर्षों में बनी | खेत की मृदा, वन की मृदा, ईंट बनाने योग्य मृदा | 213 – 214 |
| चट्टानें और खनिज | चट्टानें खनिजों से बनी होती हैं; खनिजों से धातुएँ प्राप्त की जाती हैं | ग्रेनाइट, बलुआ पत्थर, संगमरमर, स्लेट, लेटराइट; सोना, चाँदी, ताँबा, कोबाल्ट | 214 – 215 |
| जीवाश्म ईंधन | पृथ्वी के भीतर दबे सूक्ष्मजीवों एवं पौधों से लाखों वर्षों में बने ईंधन | कोयला, पेट्रोलियम (पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल), प्राकृतिक गैस (सी.एन.जी.), एल.पी.जी. | 216 |
अभ्यास
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 11.1: आइए, अनुभव करें
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 11.2: आइए, फिरकी बनाएँ और सजाएँ
- और भी जानें!
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 11.3: आइए, पता लगाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 11.4: आइए, जाँच करें
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 11.5: आइए, सर्वेक्षण करें
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 11.6: आइए, उपयोग किए गये प्राकृतिक संसाधनों की एक सूची बनाएँ
- आइए, और अधिक सीखें
- और भी सीखें