कुतूहल अध्याय 11 क्रियाकलाप 11.3: आइए, पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
तालिका 11.1 में स्तंभ II एवं स्तंभ III को भरें— 1. हाथ धोना 2. कपड़े धोना 3. बर्तन धोना 4. नहाना 5. खाना पकाना 6. बागवानी 7. दाँत साफ करना
उत्तर

पूरी भरी हुई तालिका 11.1 यह रही। अपने घर में जो वास्तव में होता है, उसे देखकर अपनी प्रति भरिए।

गतिविधिजल किस प्रकार व्यर्थ हो रहा है?जल व्यर्थ होने से रोकने के लिए सुझाए गये उपाय
1. हाथ धोनासाबुन लगाते समय नल खुला रहता हैसाबुन लगाते समय नल बंद कर दें; केवल धोते समय खोलें; नल आधा ही खोलें
2. कपड़े धोनामशीन आधी भरकर चलाना; बार-बार खंगालना; साबुन वाला जल बहा देनामशीन पूरी भरकर चलाएँ; कपड़े पहले भिगोएँ ताकि कम रगड़ना पड़े; खंगालने वाले जल से आँगन या फर्श धोएँ
3. बर्तन धोनानल लगातार खुला रहता है; एक-एक बर्तन अलग धोनापहले जूठन खुरचें, सभी बर्तनों पर एक साथ साबुन लगाएँ, फिर टब में भरे जल से धोएँ
4. नहानाशॉवर के नीचे देर तक नहाने से बहुत जल बहता है; साबुन लगाते समय भी जल गिरता रहता हैबाल्टी और मग से नहाएँ; शॉवर का समय कम करें; कम प्रवाह वाला शॉवर लगवाएँ
5. खाना पकानाचलते नल के नीचे साग-भाजी धोना; चावल-दाल का बचा जल फेंक देनाकटोरे में भरकर सब्जियाँ धोएँ; बचा हुआ जल पौधों में डालें या आटा गूँधने में लें; आवश्यकता जितना ही जल लें
6. बागवानीपाइप खुला छोड़ना; तेज धूप में दोपहर को पानी देना जिससे अधिकांश वाष्पित हो जाएसुबह या शाम झारी से पानी दें; पौधों के आस-पास सूखी पत्तियाँ बिछाएँ; टपक (ड्रिप) विधि अपनाएँ
7. दाँत साफ करनापूरे दो मिनट नल खुला रहता हैएक गिलास जल से काम चलाएँ; ब्रश करते समय नल बंद रखें
सुझाव: कहानी में अज्जी की विधि सबसे सरल नियम है— पौधों को इस प्रकार पानी दीजिए कि प्रत्येक बूँद का उपयोग हो और एक भी बूँद व्यर्थ न जाए
प्र2.
इस तालिका से प्राप्त हुई जानकारी से आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं? जल के अपव्यय को रोकने के लिए आप और आपका परिवार क्या कर सकता है?
उत्तर

निष्कर्ष: जल किसी एक बड़े कार्य में व्यर्थ नहीं होता— वह दिन भर में थोड़ा-थोड़ा, बार-बार, ब्रश करने, नहाने और धोने जैसे साधारण कामों में बहता रहता है। इसका लगभग पूरा अपव्यय आदत के छोटे-छोटे बदलावों से रोका जा सकता है, जिन पर कोई खर्च नहीं आता।

परिवार क्या कर सकता है:

  • उपयोग में न होने पर नल बंद रखें और प्रत्येक रिसाव तुरंत ठीक करवाएँ।
  • शॉवर के स्थान पर बाल्टी और मग से नहाएँ।
  • जल का पुनः चक्रण करें— सब्जी धोने और कपड़े खंगालने का जल पौधों, फर्श और आँगन के लिए उपयोग करें।
  • जल संचयन करें— छत का वर्षा जल टंकी में एकत्र करें या गड्ढे के द्वारा भूमि में उतारें।
  • टंकी में फ्लोट वाल्व लगवाएँ ताकि वह कभी न बहे।
  • घर में प्रति सप्ताह एक व्यक्ति को “जल प्रहरी” बनाएँ जो नलों की जाँच करे और रिसाव बताए।
यह जुड़कर बड़ा हो जाता है: यदि एक परिवार प्रतिदिन केवल 50 लीटर बचाए, तो 100 परिवारों की कॉलोनी प्रतिदिन 5,000 लीटर बचाएगी— पूरा एक टैंकर। जल बचाने से उसे पंप करने में लगने वाली बिजली भी बचती है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ