प्र1.
क्या आप जानते हैं कि चट्टानों और खनिजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक कैसे पहुँचाया जाता है?
उत्तर
हाँ— अधिकतर ट्रकों, मालगाड़ियों और जहाजों द्वारा, और इनमें से लगभग सभी जीवाश्म ईंधन से चलते हैं।
| परिवहन का साधन | क्या ढोता है | उपयोग में आने वाला ईंधन |
|---|---|---|
| ट्रक और डंपर | खदान से सड़क तक पत्थर, रेत, संगमरमर के खंड | डीजल |
| मालगाड़ियाँ | लंबी दूरी तक कोयला और लौह अयस्क— झरिया से इस्पात कारखानों तक, बैलाडीला से विशाखापत्तनम तक | डीजल अथवा विद्युत |
| जहाज और बजरे | पारादीप, विशाखापत्तनम और मार्मुगाओ जैसे बंदरगाहों से लौह अयस्क और कोयला | डीजल / फर्नेस ऑयल |
| कन्वेयर बेल्ट और रोपवे | खदान से पास के कारखाने तक अयस्क | विद्युत |
| पाइपलाइन | पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, तथा जल में मिलाया गया अयस्क (स्लरी) | विद्युत पंप |
पुस्तक यह प्रश्न यहीं क्यों पूछती है: यही अगले अनुभाग तक पहुँचने का पुल है। परिवहन के लिए हम जिन वाहनों का उपयोग करते हैं उनमें से अधिकांश जीवाश्म ईंधन से चलते हैं— अर्थात् एक ट्रक भर पत्थर के पीछे भी कुछ कोयला या पेट्रोलियम खर्च होता है। यहाँ एक नहीं, दो प्राकृतिक संसाधन उपयोग हो रहे हैं।