प्र1.
चट्टानें किससे बनी होती हैं?
उत्तर
चट्टानें खनिजों से बनी होती हैं। चट्टान कोई एक पदार्थ नहीं है— वह एक या अधिक खनिजों का प्राकृतिक मिश्रण है।
| चट्टान | भारत में कहाँ मिलती है | किस काम आती है |
|---|---|---|
| ग्रेनाइट | कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, तमिलनाडु | फर्श, रसोई की स्लैब, मंदिरों के स्तंभ, स्मारक |
| बलुआ पत्थर | धौलपुर और जोधपुर (राजस्थान) | भवन निर्माण— लाल किला और फतेहपुर सीकरी लाल बलुआ पत्थर से बने हैं |
| संगमरमर | मकराना (राजस्थान) | मूर्तियाँ, फर्श, मेज के ऊपरी भाग— ताजमहल मकराना के संगमरमर से बना है |
| स्लेट | कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश), मार्कापुर (आंध्र प्रदेश) | छत बनाने में (चित्र 11.6), लिखने की पट्टी, फर्श |
| लेटराइट | केरल, तटीय कर्नाटक, गोवा, कोंकण, ओडिशा | ब्लॉक काटकर ईंट की तरह उपयोग (चित्र 11.7) |
खनिजों से हमें क्या मिलता है:
- ऐलुमिनियम, सोना, ताँबा और लोहा जैसी महत्वपूर्ण धातुएँ खनिजों से प्राप्त की जाती हैं।
- खनिजों का उपयोग वायुयान, कार, आभूषण, प्रसाधन तथा विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में होता है।
- एक साधारण मोबाइल फोन में भी लगभग एक दर्जन खनिज होते हैं— सोना, चाँदी, ताँबा, कोबाल्ट आदि।
इनका दायित्वपूर्ण उपयोग क्यों आवश्यक है: चट्टानों के बनने में हजारों से लाखों वर्ष लगते हैं, और खनिज केवल कुछ निश्चित स्थानों पर सीमित मात्रा में मिलते हैं। एक बार निकालकर उपयोग कर लेने पर उनका नया भंडार नहीं बनता— इसीलिए चट्टानें और खनिज अनवीकरणीय हैं।
क्या आप जानते हैं? मानव हजारों वर्षों से चट्टानों से औजार बनाता आया है— पत्थर की हस्त कुल्हाड़ियाँ (चित्र 11.8 क) और तीर शीर्ष (चित्र 11.8 ख) मध्य प्रदेश के भीमबेटका जैसे प्रागैतिहासिक स्थलों से मिले हैं।