प्र1.
(घास चरती गाय के विषय में वार्तालाप) आपके अनुसार, किसका कथन सही है और क्यों?
उत्तर
अंतिम बच्चे का कथन सही है— वह जो कहता है: “गाय घास खा रही है। घास को बढ़ने के लिए सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है। अतः ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य है। इस प्रकार गाय को सूर्य से ऊर्जा प्राप्त होती है।”
अब तीनों कथनों को देखिए:
| कथन | सही? | कारण |
|---|---|---|
| “गाय घास खा रही है और उससे ऊर्जा प्राप्त कर रही है।” | आंशिक रूप से सही | यहाँ तक ठीक है कि गाय को ऊर्जा घास से ही मिलती है। किंतु यह कथन घास पर रुक जाता है और यह नहीं पूछता कि घास को ऊर्जा कहाँ से मिली। |
| “गाय धूप में खड़ी है, परंतु इसका अर्थ यह नहीं कि इसे सूर्य से ऊर्जा मिल रही है।” | एक बात में सही | यह ठीक कहता है कि कोई जंतु केवल धूप में खड़े रहकर ऊर्जा नहीं ले सकता— जंतु सूर्य के प्रकाश से भोजन नहीं बना सकते। किंतु यह निष्कर्ष गलत है कि सूर्य गाय को कोई ऊर्जा नहीं देता। |
| “गाय घास खाती है; घास को बढ़ने के लिए सूर्य का प्रकाश चाहिए; अतः ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य है।” | पूर्णतः सही | यह ऊर्जा को उसके आरंभिक स्रोत तक पीछे ले जाकर देखता है। |
सूर्य → सूर्य का प्रकाश घास को भोजन बनाने में सहायता करता है → गाय घास खाती है → गाय को ऊर्जा मिलती है
अतः सूर्य ही ऊर्जा का मुख्य स्रोत है, यद्यपि वह प्रत्यक्ष रूप से नहीं मिलती।
अतः सूर्य ही ऊर्जा का मुख्य स्रोत है, यद्यपि वह प्रत्यक्ष रूप से नहीं मिलती।
दूसरा बच्चा कहाँ चूक गया: धूप में खड़ी गाय केवल गर्म होती है— वह सूर्य के प्रकाश को भोजन में नहीं बदल सकती। यह कार्य केवल हरे पौधे कर सकते हैं। अतः सूर्य की ऊर्जा गाय तक घास के माध्यम से पहुँचती है, उसकी त्वचा से नहीं। यही बात हम पर भी लागू होती है— हमारी रोटी, दाल, दूध और अंडा सब पौधों द्वारा संचित सूर्य-ऊर्जा ही हैं।