कुतूहल अध्याय 11 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। इसका महत्त्व पता लगाइए।
उत्तर

प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है, ताकि पूरे संसार को यह स्मरण रहे कि मृदु जल सीमित है और उसका मूल्य समझना, उसे सबमें बराबर बाँटना तथा स्वच्छ रखना आवश्यक है।

  • इसका आरंभ संयुक्त राष्ट्र द्वारा किया गया और यह 1993 से मनाया जा रहा है।
  • प्रत्येक वर्ष एक विषय (थीम) रखा जाता है— जैसे भू-जल, हिमनद अथवा जल और शांति— जिससे एक समस्या पर सबका ध्यान जाए।
  • इसका मुख्य लक्ष्य है कि पृथ्वी के प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता उपलब्ध हो।
  • विद्यालय, पंचायतें और नगर इस दिन रैली, तालाबों-कुँओं की सफाई, पोस्टर एवं नारा प्रतियोगिता तथा टपकते नल ठीक कराने के संकल्प के साथ इसे मनाते हैं।
जल के लिए पूरा एक दिन क्यों: पृथ्वी के जल का बहुत थोड़ा भाग ही ऐसा मृदु जल है जो सरलता से मिल जाता है, और वही प्रत्येक मनुष्य, जंतु तथा पौधे को बाँटना पड़ता है। वर्ष में एक निश्चित दिन होने से सरकारें अपना काम बताती हैं और साधारण लोग अपनी आदतों पर विचार करते हैं।
यह कीजिए: 22 मार्च को अपने विद्यालय के नल गिनिए, देखिए कितने टपक रहे हैं, और वह सूची शिक्षक को दीजिए। यही वास्तविक विश्व जल दिवस है, केवल पोस्टर बनाना नहीं।
प्र2.
हम विभिन्न कार्यों के लिए सूर्य की ऊष्मा (गरमी) और प्रकाश का उपयोग करते हैं। वे कौन सी गतिविधियाँ हैं जिनके लिए हमें ऊष्मा और प्रकाश की आवश्यकता होती है? भूमि कुछ चित्र बनाती है। क्या आप कुछ अन्य उदाहरणों के साथ उसकी सहायता कर सकते हैं? चित्र बनाइए और दिए गये स्थान पर उनके नाम लिखिए।
उत्तर

भूमि दो चित्र पहले ही बना चुकी है— पौधों द्वारा भोजन बनाना और कपड़े सूखना। इनके आगे ये चित्र बनाए जा सकते हैं और नीचे इनका विवरण लिखा जा सकता है।

जो चित्र बनाएँनीचे जो विवरण लिखें
चटाई पर सूखती मिर्चें / आम की फाँकेंसूर्य की गरमी इन्हें सुखा देती है ताकि ताजी उपलब्ध न होने पर इनका उपयोग किया जा सके— ठीक वही जो अज्जी कर रही हैं
छत पर सूखते पापड़ और बड़ियाँधूप में सुखाने से जल निकल जाता है और ये खराब नहीं होते
खलिहान में फैलाया अनाजकिसान धान और गेहूँ को भंडारण से पहले धूप में सुखाते हैं
छत पर लगे सौर पैनलये सौर-ऊर्जा एकत्रित कर विद्युत उत्पन्न करते हैं
सोलर कुकरबिना किसी ईंधन के सीधे सूर्य की ऊष्मा से भोजन पकता है
सौर जल ऊष्मकनहाने का जल सूर्य से गर्म होता है
समुद्र किनारे नमक के खेतसमुद्री जल धूप में वाष्पित होकर नमक छोड़ जाता है— जैसे गुजरात और तमिलनाडु में
जाड़े की धूप में रखे कपड़े और पुस्तकेंधूप नमी सुखा देती है तथा फफूँदी और कीटाणुओं से बचाती है
सुबह की धूप में खेलता बच्चाधूप से शरीर विटामिन डी बनाता है, जो हड्डियों को मजबूत करता है
जल चक्र— समुद्र, बादल, वर्षासूर्य की ऊष्मा जल का वाष्पीकरण करती है और हमें वर्षा मिलती है
सबमें एक ही बात समान है: इनमें से हर काम में सूर्य वह कार्य कर देता है जिसके लिए अन्यथा ईंधन, बिजली या धन लगता। इसीलिए सूर्य को पृथ्वी पर ऊर्जा का मुख्य स्रोत कहा जाता है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ