प्र1.
प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। इसका महत्त्व पता लगाइए।
उत्तर
प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है, ताकि पूरे संसार को यह स्मरण रहे कि मृदु जल सीमित है और उसका मूल्य समझना, उसे सबमें बराबर बाँटना तथा स्वच्छ रखना आवश्यक है।
- इसका आरंभ संयुक्त राष्ट्र द्वारा किया गया और यह 1993 से मनाया जा रहा है।
- प्रत्येक वर्ष एक विषय (थीम) रखा जाता है— जैसे भू-जल, हिमनद अथवा जल और शांति— जिससे एक समस्या पर सबका ध्यान जाए।
- इसका मुख्य लक्ष्य है कि पृथ्वी के प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता उपलब्ध हो।
- विद्यालय, पंचायतें और नगर इस दिन रैली, तालाबों-कुँओं की सफाई, पोस्टर एवं नारा प्रतियोगिता तथा टपकते नल ठीक कराने के संकल्प के साथ इसे मनाते हैं।
जल के लिए पूरा एक दिन क्यों: पृथ्वी के जल का बहुत थोड़ा भाग ही ऐसा मृदु जल है जो सरलता से मिल जाता है, और वही प्रत्येक मनुष्य, जंतु तथा पौधे को बाँटना पड़ता है। वर्ष में एक निश्चित दिन होने से सरकारें अपना काम बताती हैं और साधारण लोग अपनी आदतों पर विचार करते हैं।
यह कीजिए: 22 मार्च को अपने विद्यालय के नल गिनिए, देखिए कितने टपक रहे हैं, और वह सूची शिक्षक को दीजिए। यही वास्तविक विश्व जल दिवस है, केवल पोस्टर बनाना नहीं।