कुतूहल अध्याय 11 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आप अपने मित्रों से चर्चा करें और कम से कम पाँच ऐसे उत्पादों की एक सूची बनाएँ जिन्हें हम वनों से प्राप्त करते हैं।
उत्तर

पाँच से कहीं अधिक— नीचे दी गई सूची में से चुनिए।

उत्पादकिस काम आता है
इमारती लकड़ी (साल, सागौन, देवदार)फर्नीचर, दरवाजे, खिड़कियाँ, नाव, कृषि-उपकरण
जलाने की लकड़ी और कोयला (चारकोल)खाना पकाने और गरमी के लिए
बाँस और बेंतटोकरी, चटाई, सीढ़ी, झोपड़ी, मचान, अगरबत्ती की तीलियाँ
फल, मेवे और बीजआँवला (नेलिकाई), जामुन, महुआ, इमली, चिरौंजी
औषधीय पौधेनीम, तुलसी, अश्वगंधा, सर्पगंधा, गिलोय
शहद और मोमभोजन और मोमबत्ती— सुंदरबन तथा नीलगिरि में एकत्र किया जाता है
गोंद, राल और लाखबबूल का गोंद, चीड़ की राल, चूड़ियों और पॉलिश के लिए लाख
तेंदू पत्ता और साल-बीजअनेक वनवासी परिवारों की आजीविका का साधन
कागज एवं प्लाईवुड का कच्चा मालवृक्षारोपण से प्राप्त लुगदी-लकड़ी
चारा और हरी पत्ती की खादगाय-बकरियों का चारा; खेतों में मिलाई जाने वाली पत्तियाँ
वे उत्पाद जो थैले में नहीं बाँधे जा सकते: वन हमें स्वच्छ वायु, छाया और ठंडक, वर्षा भी देते हैं और अपनी जड़ों से मृदा को थामे रखते हैं ताकि वह बहे नहीं। वन पक्षियों, कीटों और वन्य जंतुओं का प्राकृतिक आवास हैं। ये निःशुल्क सेवाएँ ऊपर की पूरी तालिका से भी अधिक मूल्यवान हैं।
अज्जी का नियम ध्यान रखिए: उनके गाँव में पेड़ों से फल नहीं तोड़े जाते— केवल गिरे हुए फल उठाए जाते हैं, ताकि पेड़ के फल जंतुओं और पक्षियों के लिए बचे रहें। यही एक परंपरा पूरे वन का पेट भरती रहती है।
प्र2.
एक बड़े वन क्षेत्र को काटने के क्या परिणाम होते हैं? एक प्रस्तुति बनाइए या अभिनय (रोल प्ले) कीजिए या एक कहानी या कविता लिखिए जो दर्शाती हो कि यदि हम अपने जंगलों में पेड़ों को निरंतर काटते रहेंगे तो क्या हो सकता है।
उत्तर

आपकी प्रस्तुति, नाटक, कहानी या कविता में ये बातें अवश्य आनी चाहिए: परिणाम एक के बाद एक आते हैं, जैसे गिरती हुई डोमिनो की पंक्ति।

पहले क्या होता हैफिर क्या होता है
जड़ें मृदा को थामे नहीं रहतींवर्षा उपजाऊ ऊपरी मृदा बहा ले जाती है; भूमि बंजर हो जाती है; नदियाँ और बाँध गाद से भर जाते हैं
भूमि पर पत्तियाँ नहीं गिरतींसड़ी पत्तियाँ न मिलने से मृदा के पोषक तत्व घट जाते हैं
वर्षा जल सोखने वाले पेड़ नहीं रहतेजल तेजी से बह जाता है— वर्षा में बाढ़ और गरमी में सूखे कुएँ
जंतुओं का घर उजड़ जाता हैपक्षी, कीट और वन्य जंतु भोजन एवं आश्रय खो देते हैं; हाथी और तेंदुए गाँवों में आ जाते हैं
छाया और पेड़ कम हो जाते हैंक्षेत्र अधिक गर्म और शुष्क हो जाता है
कार्बन डाइऑक्साइड सोखने वाले पेड़ घट जाते हैंवायु में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ती है; वायु अधिक प्रदूषित होती है
वन-उपज समाप्त हो जाती हैशहद, तेंदू पत्ता और औषधीय पौधों पर जीने वाले परिवारों की आजीविका छिन जाती है
नया वन उगाने में कई वर्ष लगते हैंयह क्षति हमारे जीवनकाल में पूरी नहीं होती

नमूना कहानी की रूपरेखा (अपने शब्दों में लिखिए):

“देवगढ़ का आखिरी पेड़”— देवगढ़ गाँव एक हरी पहाड़ी की तलहटी में बसा है। हर वर्ष लकड़ी के लिए कुछ और पेड़ काटे जाते हैं। बच्चों को तब भी आँवला और महुआ मिल जाता है। दस वर्ष बाद पहाड़ी नंगी हो जाती है। वर्षा आती है और जड़ें न होने से मिट्टी बहकर खेतों को ढँक देती है। गरमियों में कुआँ सूख जाता है और मोर आना बंद कर देते हैं। बूढ़ी अज्जी बच्चों को चिपको आंदोलन की कथा सुनाती हैं— कैसे 1970 के दशक के आरंभ में उत्तराखंड में स्थानीय महिलाओं ने पेड़ों को घेरकर उनसे लिपटकर उन्हें कटने से बचाया था। बच्चे देवगढ़ में वन महोत्सव आरंभ करते हैं, पहाड़ी पर पौधे लगाते हैं और हर पौधे को एक नाम तथा एक रखवाला देते हैं। वर्षों बाद मोर लौट आते हैं।
कहानी भाषण से अच्छी क्यों है: वन का नाश धीरे-धीरे होता है, इसलिए वर्ष-दर-वर्ष किसी का ध्यान नहीं जाता। कहानी बीस वर्षों को पाँच मिनट में समेटकर दर्शक को वह परिवर्तन दिखा देती है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ