प्र1.
आप अपने मित्रों से चर्चा करें और कम से कम पाँच ऐसे उत्पादों की एक सूची बनाएँ जिन्हें हम वनों से प्राप्त करते हैं।
उत्तर
पाँच से कहीं अधिक— नीचे दी गई सूची में से चुनिए।
| उत्पाद | किस काम आता है |
|---|---|
| इमारती लकड़ी (साल, सागौन, देवदार) | फर्नीचर, दरवाजे, खिड़कियाँ, नाव, कृषि-उपकरण |
| जलाने की लकड़ी और कोयला (चारकोल) | खाना पकाने और गरमी के लिए |
| बाँस और बेंत | टोकरी, चटाई, सीढ़ी, झोपड़ी, मचान, अगरबत्ती की तीलियाँ |
| फल, मेवे और बीज | आँवला (नेलिकाई), जामुन, महुआ, इमली, चिरौंजी |
| औषधीय पौधे | नीम, तुलसी, अश्वगंधा, सर्पगंधा, गिलोय |
| शहद और मोम | भोजन और मोमबत्ती— सुंदरबन तथा नीलगिरि में एकत्र किया जाता है |
| गोंद, राल और लाख | बबूल का गोंद, चीड़ की राल, चूड़ियों और पॉलिश के लिए लाख |
| तेंदू पत्ता और साल-बीज | अनेक वनवासी परिवारों की आजीविका का साधन |
| कागज एवं प्लाईवुड का कच्चा माल | वृक्षारोपण से प्राप्त लुगदी-लकड़ी |
| चारा और हरी पत्ती की खाद | गाय-बकरियों का चारा; खेतों में मिलाई जाने वाली पत्तियाँ |
वे उत्पाद जो थैले में नहीं बाँधे जा सकते: वन हमें स्वच्छ वायु, छाया और ठंडक, वर्षा भी देते हैं और अपनी जड़ों से मृदा को थामे रखते हैं ताकि वह बहे नहीं। वन पक्षियों, कीटों और वन्य जंतुओं का प्राकृतिक आवास हैं। ये निःशुल्क सेवाएँ ऊपर की पूरी तालिका से भी अधिक मूल्यवान हैं।
अज्जी का नियम ध्यान रखिए: उनके गाँव में पेड़ों से फल नहीं तोड़े जाते— केवल गिरे हुए फल उठाए जाते हैं, ताकि पेड़ के फल जंतुओं और पक्षियों के लिए बचे रहें। यही एक परंपरा पूरे वन का पेट भरती रहती है।