कुतूहल अध्याय 11 क्रियाकलाप 11.4: आइए, जाँच करें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अपने घर और विद्यालय के आस-पास के विभिन्न क्षेत्रों से मृदा के नमूने एकत्रित करें। अनुमान लगाइए कि विभिन्न मृदाओं में क्या-क्या हो सकता है। मृदा के प्रत्येक नमूने का ध्यानपूर्वक अवलोकन करें और उसका रंग लिखें। प्रत्येक नमूने को स्पर्श कर उसकी बनावट को महसूस करें। नग्न आँखों से तथा आवर्धक लेन्स से अवलोकन कर तालिका 11.2 में अपने अवलोकन अंकित करें।
उत्तर

चार-पाँच नमूने अलग-अलग कागज की पुड़ियों में एकत्र कीजिए और प्रत्येक पर स्थान का नाम लिखिए। भरी हुई तालिका 11.2 इस प्रकार दिखेगी।

स्थान जहाँ से नमूना एकत्रित किया गयामृदा के बारे में अनुमाननग्न आँखों से अवलोकन (रंग एवं संरचना)आवर्धक लेन्स से अवलोकन
जुताई के बाद खेत से मिट्टीमुलायम, गहरे रंग की और नमगहरी भूरी, ढीली और भुरभुरी; कुछ नम; मिट्टी की सोंधी गंधभिन्न-भिन्न आकार के महीन कण, सूखी जड़ों और पत्तियों के टुकड़े, कुछ नन्हें कीट
विद्यालय के खेल के मैदान की मृदाकठोर और धूल भरीहल्की भूरी, कठोर, कसकर दबी हुई, नमी बहुत कमअधिकतर रेत के कण और छोटे कंकड़; वनस्पति का अंश लगभग नहीं
बड़े पेड़ के नीचे की मृदापत्तियों से भरी हुईबहुत गहरे रंग की, मुलायम और स्पंज जैसी; ठंडी और नमअधसड़ी पत्तियाँ, जड़ों के महीन रोम, चींटियाँ, एक छोटा केंचुआ
नदी या तालाब के किनारे की मृदाचिपचिपीधूसर, चिकनी, गीली होने पर चिपचिपी; लंबी बत्ती बनाई जा सकती हैबहुत महीन कण, बड़े कण बहुत कम, छोटे शंख के टुकड़े
रेत के ढेर या सूखे नाले की रेतढीली और खुरदरीहल्की पीली-धूसर, खुरदरी और किरकिरी, उँगलियों से फिसल जाती हैअलग-अलग चमकीले कण, लगभग सभी एक ही आकार के
सावधानी (पुस्तक से): विभिन्न स्थानों की मृदा को छूने के उपरांत अपने हाथों को अच्छी तरह से धोना याद रखिए। जिस मृदा में कचरा होता है उसमें ऐसे कीटाणु हो सकते हैं जो हमारे लिए हानिकारक हैं।
प्र2.
नमूनों के बारे में लगाये गये अनुमान और निकट से किए गये अवलोकन में क्या अंतर है?
उत्तर

हाँ, अंतर है— और यही इस क्रियाकलाप का उद्देश्य है। अनुमान स्मृति से लगाया जाता है; अवलोकन देखकर किया जाता है।

हम प्रायः अनुमान लगाते हैंवास्तव में हमें मिलता है
“मृदा तो केवल मिट्टी है”इसमें रेत, चिकनी मिट्टी, कंकड़, जड़ें, सूखी पत्तियाँ, कीट और कृमि होते हैं
“सारी मृदा भूरी होती है”नमूने गहरे भूरे, लाल, धूसर, काले या हल्के पीले रंग के मिलते हैं
“मृदा में कुछ जीवित नहीं होता”चींटियाँ, केंचुए तथा आँखों से न दिखने वाले अनेक सूक्ष्म जीव उसमें रहते हैं
“सभी मृदाएँ छूने में एक जैसी लगती हैं”कोई किरकिरी, कोई रेशमी, कोई चिपचिपी लगती है
पहले अनुमान लगाना फिर भी उपयोगी क्यों है: विज्ञान में जाँच से पहले अनुमान लगाया ही जाता है— अनुमान बताता है कि क्या देखना है, और आश्चर्य बताता है कि हमने कुछ नया सीखा।
प्र3.
क्या आपको विभिन्न स्थानों से लिए गये मृदा के नमूनों में कोई अंतर दिखाई दिया?
उत्तर

हाँ— प्रत्येक नमूना रंग, बनावट और उसमें उपस्थित पदार्थों में भिन्न है।

  • रंग— खेत की मृदा गहरी भूरी, वन की मृदा लगभग काली, नदी-किनारे की धूसर, तथा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु के कई भागों की मृदा गहरी लाल।
  • बनावट— बलुई मृदा किरकिरी और ढीली, चिकनी मृदा चिपचिपी और मुलायम, दोमट मृदा भुरभुरी।
  • नमी— गिरी पत्तियों के नीचे वन की मृदा नम रहती है; मैदान की मृदा सूखी।
  • सजीव— बगीचे और वन की मृदा में केंचुए एवं कीट बहुतायत से; सड़क किनारे या खेल के मैदान की मृदा में लगभग नहीं।
ये भिन्न क्यों होते हैं: विभिन्न स्थानों से एकत्रित मृदा के नमूने अलग-अलग रंगों के हो सकते हैं क्योंकि उनमें विभिन्न पदार्थ उपस्थित होते हैं। मृदा अपने नीचे की चट्टान से बनती है, अतः भिन्न चट्टान से भिन्न मृदा बनती है। पौधे और जंतु भी विघटन और क्षय के कारण मृदा का भाग बन जाते हैं, इसलिए जहाँ वनस्पति अधिक है वहाँ मृदा अधिक गहरी और उपजाऊ होती है।
क्या आप जानते हैं? मृदा विभिन्न प्रकार की होती है— कुछ विशेष पौधों को उगाने के लिए अच्छी होती है तो कुछ भवनों हेतु ईंटें बनाने के लिए। वनों में अनेक प्रकार की मृदाएँ होती हैं, इसीलिए मृदा को वह अमूल्य संपदा कहा गया है जो जैव-विविधता को आश्रय देती है।
प्र4.
क्या नग्न आँखों से और आवर्धक लेन्स से किए गये अवलोकन में आपको अंतर दिखाई दिया?
उत्तर

हाँ— आवर्धक लेन्स नग्न आँखों की तुलना में कहीं अधिक दिखाता है।

नग्न आँखों सेआवर्धक लेन्स से
मृदा एक ही भूरे चूर्ण जैसी दिखती हैअनेक आकार और रंग के अलग-अलग कण दिखाई देने लगते हैं
केवल बड़े कंकड़ और पत्तियाँ दिखती हैंसूखी जड़, टूटी पत्ती और बीज के छिलके के महीन टुकड़े दिखते हैं
कोई जीव दिखाई नहीं देतामाइट, चींटियों के अंडे तथा अन्य अत्यंत छोटे जीव दिखाई देते हैं
बनावट केवल स्पर्श से आँकी जा सकती हैकण गोल हैं, नुकीले हैं या चपटे— यह आँखों से देखा जा सकता है
लेन्स क्यों महत्वपूर्ण है: मृदा में ऐसे अनेक छोटे जीव हो सकते हैं जिन्हें हम नग्न आँखों से देख ही नहीं सकते। आवर्धक लेन्स वैज्ञानिक के अधिक ध्यान से देखने का साधन है— मृदा नहीं बदली, केवल हमारी देखने की क्षमता बढ़ी।
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