कुतूहल अध्याय 11 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
कोयले का उपयोग मुख्य रूप से विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है। यह भारत के कई भागों में पाया जाता है। प्रमुख कोयला उत्पादक राज्यों का पता लगाइए और उन्हें भारत के मानचित्र पर चिह्नित कीजिए।
उत्तर

कोयला मुख्यतः पूर्वी और मध्य भारत की एक चौड़ी पट्टी में मिलता है। भारत का रेखा-मानचित्र लीजिए, इन राज्यों को रंगिए और प्रत्येक के आगे कोयला क्षेत्र का नाम लिखिए।

राज्यप्रमुख कोयला क्षेत्रविशेष बात
छत्तीसगढ़कोरबा, रायगढ़, चिरमिरीदेश के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक
ओडिशातालचेर, इब घाटीविशाल भंडार; अनेक विद्युत संयंत्रों को कोयला देता है
झारखंडझरिया, बोकारो, उत्तरी कर्णपुरा, गिरिडीहझरिया का कोककारी कोयला इस्पात कारखानों के लिए सर्वोत्तम
मध्य प्रदेशसिंगरौली, सोहागपुर, पेंच–कन्हानसिंगरौली को भारत की “ऊर्जा राजधानी” कहा जाता है
तेलंगानासिंगरेनी (रामागुंडम, कोठागुडेम)दक्षिण भारत का मुख्य कोयला स्रोत
पश्चिम बंगालरानीगंजभारत का सबसे पुराना कोयला क्षेत्र— खनन 1774 में आरंभ हुआ
महाराष्ट्रचंद्रपुर, वर्धा घाटीपश्चिमी भारत के विद्युत संयंत्रों को कोयला देता है
तमिलनाडुनैवेलीलिग्नाइट (भूरा कोयला), काला कोयला नहीं
असम एवं मेघालयमकुम, जयंतिया पहाड़ियाँपूर्वोत्तर के छोटे किंतु पुराने कोयला क्षेत्र

इसी मानचित्र पर अन्य ईंधन-संसाधन भी अंकित कीजिए:

  • पेट्रोलियम— मुंबई हाई (महाराष्ट्र के अपतटीय क्षेत्र), अंकलेश्वर एवं कलोल (गुजरात), डिगबोई एवं नहरकटिया (असम), बाड़मेर (राजस्थान)।
  • प्राकृतिक गैस— कृष्णा–गोदावरी बेसिन (आंध्र प्रदेश), त्रिपुरा, गुजरात और असम।
कोयला पूर्वी भारत में ही क्यों: ये कोयला परतें उन पौधों से बनीं जो लाखों वर्ष पूर्व दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी की प्राचीन घाटियों में दब गये थे। इसीलिए भारत के बड़े इस्पात कारखाने— बोकारो, राउरकेला, भिलाई, दुर्गापुर, जमशेदपुर— कोयले और लौह अयस्क के निकट ही बनाए गये।
मानचित्र के लिए सुझाव: कोयले के लिए एक रंग, पेट्रोलियम के लिए दूसरा और प्राकृतिक गैस के लिए तीसरा रंग लीजिए तथा कोने में एक छोटी सूची (संकेत-चिह्न) बनाइए। नीचे “मापनी के अनुसार नहीं” लिखना न भूलें।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ