प्र1.
आइए, हम जीवाश्म ईंधन के संरक्षण में अपना कुछ योगदान दें— निकट स्थानों तक पैदल या साइकिल से जाएँ। सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करें। कुछ अन्य विधियाँ सुझाएँ।
उत्तर
पुस्तक में दो उपाय दिए गये हैं। कुछ और उपाय, इस आधार पर कि बचत कहाँ होती है:
| कहाँ | क्या करें |
|---|---|
| सड़क पर | एक ही वाहन साझा करें या विद्यालय बस से जाएँ; लाल बत्ती पर इंजन बंद करें; टायरों में हवा सही रखें; वाहन की समय पर सर्विस कराएँ; एक समान गति से चलाएँ |
| वाहन का चुनाव | सी.एन.जी. या विद्युत वाहन चुनें; लंबी यात्रा के लिए अलग-अलग कारों के स्थान पर रेल या मेट्रो लें |
| घर में | प्रेशर कुकर का उपयोग करें; दाल-चावल पहले भिगोएँ; बर्तन ढककर पकाएँ; धूप वाले दिनों में सोलर कुकर एवं सौर जल ऊष्मक चलाएँ; सारी तैयारी के बाद ही गैस जलाएँ |
| विद्युत बचाएँ | हमारी अधिकांश विद्युत कोयले से बनती है— अतः पंखे-बल्ब बंद करना और एल.ई.डी. बल्ब लगाना भी कोयले की बचत है |
| अन्य स्रोत अपनाएँ | सौर पैनल, पवन-ऊर्जा, गोबर से बनी बायोगैस, जल-विद्युत |
| कम खरीदें, कम फेंकें | हर वस्तु को बनाने और लाने में ईंधन लगा है; मरम्मत और पुनः उपयोग से वही ईंधन बचता है |
यह क्यों आवश्यक है: जीवाश्म ईंधन सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं, अतः यदि हम इसी प्रकार उपयोग करते रहे तो ये शीघ्र समाप्त हो जाएँगे। और जलाए जाने पर इनसे धुँआ और कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न होती है जो वायु को प्रदूषित करती है। इसलिए ईंधन बचाना एक साथ दो लाभ देता है।