कुतूहल अध्याय 7 करने के लिए कुछ और

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आपके शिक्षक द्वारा नीचे दी गई दो प्रयोग व्यवस्थाएँ स्थापित की गई हैं। अपनी बारी आने पर एक-एक करके दोनों व्यवस्थाओं के निकट जाइए और दोनों तापमापियों के पाठ्यांक अंकित कीजिए। बर्फ और उबलते जल के तापमान क्या-क्या हैं?
उत्तर

दोनों प्रयोगशाला तापमापियों को, आँख द्रव स्तंभ के शीर्ष की सीध में रखकर, पढ़िए।

प्रयोग व्यवस्थातापमापी का पाठ्यांक
बर्फ के टुकड़े (पिघलती हुई)लगभग 0 °C
उबलता जललगभग 100 °C

ये समुद्र-तल पर के मानक मान हैं। आपकी अपनी कक्षा में उबलते जल का पाठ्यांक 100 °C से कुछ कम भी आ सकता है।

उबलता जल 100 °C तक क्यों नहीं पहुँचता: जल 100 °C पर तभी उबलता है जब समुद्र-तल का सामान्य वायुदाब हो। पहाड़ पर ऊपर जाने से वायुदाब घट जाता है और जल कम ताप पर ही उबलने लगता है। इसीलिए पहाड़ी नगर शिलांग में फिबान और उसके सहपाठियों ने क्रियाकलाप 7.6 में उबलते जल का ताप लगभग 98 °C अंकित किया, 100 °C नहीं।
सावधानी: यह क्रियाकलाप केवल शिक्षक के निरीक्षण में ही किया जाना चाहिए। प्रयोग व्यवस्था को स्पर्श मत कीजिए।
प्र2.
कुछ समय पश्चात् बर्फ एवं उबलते जल का तापमान पुन: पढ़िए। क्या यह पहले वाले ताप के समान है अथवा परिवर्तित हो चुका है?
उत्तर

वह समान ही है — पाठ्यांक बदला नहीं।

  • जब जल उबल रहा हो तो उसका तापमान स्थिर रहता है, यद्यपि बर्नर लगातार ऊष्मा देता रहता है।
  • जब बर्फ पिघल रही हो तो उसका तापमान भी स्थिर रहता है, यद्यपि कमरा लगातार ऊष्मा देता रहता है।
ऐसा क्यों होता है: अवस्था-परिवर्तन के समय दी गई सारी ऊष्मा जल को भाप में अथवा बर्फ को जल में बदलने में ही खर्च हो जाती है। वह ताप बढ़ाने में नहीं लगती। इसीलिए जब तक सारी बर्फ पिघल न जाए या सारा जल भाप बनकर उड़ न जाए, तापमापी स्थिर बना रहता है।
क्या आप जानते हैं? ये दोनों ताप इतने भरोसेमंद हैं कि सेल्सियस स्केल इन्हीं से बनाया गया — पिघलती बर्फ के लिए 0 और उबलते जल के लिए 100, और बीच के भाग को 100 बराबर हिस्सों में बाँट दिया गया।
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