प्र1.
तुलना कीजिए कि क्या आपके प्रेक्षण आपके पूर्वानुमान से मेल खाते हैं या नहीं। क्या आपके दाहिने हाथ ने यह अनुभव किया कि पात्र ‘ख’ का जल ठंडा है जबकि आपका बायाँ हाथ अनुभव करता है कि वही जल गरम है? इन प्रेक्षणों से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर
हाँ — प्रेक्षण पूर्वानुमान से पूरी तरह मेल खाते हैं। दाहिने हाथ को पात्र ‘ख’ का जल ठंडा लगा और बाएँ हाथ को वही जल गरम लगा।
निष्कर्ष:
एक ही जल ने एक ही क्षण में दो अलग-अलग उत्तर दिए।
अत: गरमाहट का अनुभव केवल जल पर नहीं, हाथ की पिछली स्थिति पर भी निर्भर करता है।
अत: हम सदैव अपनी स्पर्श-इंद्रिय पर भरोसा नहीं कर सकते।
अत: गरमाहट का अनुभव केवल जल पर नहीं, हाथ की पिछली स्थिति पर भी निर्भर करता है।
अत: हम सदैव अपनी स्पर्श-इंद्रिय पर भरोसा नहीं कर सकते।
विज्ञान में इसका महत्त्व: किसी भी मापन का परिणाम एक ही होना चाहिए, चाहे मापन कोई भी करे। स्पर्श इस कसौटी पर खरा नहीं उतरता, इसलिए विज्ञान को एक उपकरण और एक संख्या चाहिए — तापमापी और °C में व्यक्त ताप।