कुतूहल अध्याय 7 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
कोविड-19 महामारी के काल में कुछ विशेष तापमापी उपयोग में लाए गए जो किसी व्यक्ति के शरीर का ताप दूर से भी माप सकते थे। वे कौन से तापमापी थे?
उत्तर

वे संपर्क रहित तापमापी थे, जिन्हें अवरक्त (इन्फ्रारेड) तापमापी भी कहा जाता है।

  • ये किसी व्यक्ति के शरीर को स्पर्श किए बिना उसका ताप माप लेते हैं — आपने इन्हें विद्यालय के द्वार, रेलवे स्टेशन या अस्पताल में माथे या कलाई के पास ले जाते देखा होगा।
  • स्पर्श न होने के कारण एक ही उपकरण से सैकड़ों लोगों का ताप मापा जा सकता है और संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है।
  • ये एक-दो सेकंड में अंकीय प्रदर्श पर पाठ्यांक दे देते हैं, प्राय: °C में (कुछ में °F पर भी बदला जा सकता है)।
यह काम कैसे करता है: प्रत्येक गरम पिंड अदृश्य अवरक्त विकिरण छोड़ता है। पिंड जितना गरम, विकिरण उतना अधिक। उपकरण के भीतर लगा संवेदक इस विकिरण को ग्रहण करता है और इलेक्ट्रॉनिक परिपथ उसे ताप के पाठ्यांक में बदल देता है।
क्या आप जानते हैं? अंकीय संपर्क तापमापी इससे भिन्न है — उसके अग्रभाग में ऊष्मा-संवेदक होता है जिसे शरीर से स्पर्श कराना ही पड़ता है। इसीलिए उसमें समय अधिक लगता है और उसे हर बार उपयोग से पूर्व एवं पश्चात् धोना पड़ता है।
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