प्र1.
ऐस्तु को आश्चर्य हुआ, “एक लाख! अब तक मैंने केवल 3 किस्में ही चखी हैं। यदि हम प्रत्येक दिन एक नई किस्म को चखने का प्रयत्न करें तो सभी किस्मों का स्वाद लेने में जीवन काल के 100 वर्ष लग जाएँगे?” आप क्या सोचते हैं? अनुमान लगाइए।
उत्तर
नहीं — इसके निकट भी नहीं पहुँचेंगे। प्रतिदिन एक किस्म खाने पर 100 वर्षों में लगभग 36,500 किस्में ही चखी जा सकेंगी, जो एक लाख का लगभग एक तिहाई है।
एक वर्ष में दिन = 365 (अधिवर्ष को छोड़कर)
100 वर्षों में दिन = 365 × 100 = 36,500
चखी गई किस्में = 36,500 × 1 = 36,500
शेष किस्में = 1,00,000 − 36,500 = 63,500 किस्में
100 वर्षों में दिन = 365 × 100 = 36,500
चखी गई किस्में = 36,500 × 1 = 36,500
शेष किस्में = 1,00,000 − 36,500 = 63,500 किस्में
ऐसा क्यों होता है: एक लाख अर्थात 1,00,000 होता है। पूरे 100 वर्ष के जीवन काल में केवल लगभग 36,500 दिन ही होते हैं, अत: जन्म से मृत्यु तक प्रतिदिन एक किस्म चखने पर भी एक लाख का केवल 36% भाग ही पूरा होगा। इससे पता चलता है कि एक लाख वास्तव में कितना बड़ा है।
संकेत: अधिवर्ष के अतिरिक्त दिनों (लगभग 25 प्रति शताब्दी) को जोड़ने पर भी योग लगभग 36,525 ही होगा — एक लाख से बहुत कम।