प्र1.
मानचित्र को देखिए और अब हम पूर्वोत्तर की पहाड़ियों की तरफ बढ़ रहे हैं, जो हमारी यात्रा का अंतिम गंतव्य है। क्या आप मानचित्र पर दिखाई गई गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियों को देख सकते हैं?
उत्तर
हाँ। बांग्लादेश के पूर्व में, ब्रह्मपुत्र घाटी के ठीक नीचे, पश्चिम से पूर्व की ओर तीन पहाड़ी भाग एक साथ अंकित मिलते हैं —
गारो पहाड़ियाँ → खासी पहाड़ियाँ → जयंतिया पहाड़ियाँ
ये तीनों मेघालय राज्य में हैं और मिलकर मेघालय पठार बनाती हैं। मेघालय शब्द का अर्थ ही है — ‘मेघों का निवास’।
| इन पहाड़ियों की विशेषता | विवरण |
|---|---|
| वर्षा | विश्व में सर्वाधिक — चेरापूंजी (सोहरा) और मौसिनराम यहीं हैं |
| वनस्पति | हरियाली, घने वन, उपजाऊ भूमि, अद्वितीय वन्यजीव |
| जलप्रपात | लुभावने — सेवन सिस्टर्स जलप्रपात (चित्र 1.41) |
| लोग और संस्कृति | खासी लोगों का शाद सुक मिनसिएम उत्सव, जो प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है; नोंग्रियाट गाँव के समीप जीवित जड़ों के पुल |
यहाँ इतनी वर्षा क्यों: बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी भरी पवनें सीधे इन खड़ी पहाड़ियों से टकराती हैं। ऊपर उठने पर वे ठंडी हो जाती हैं और अपनी संपूर्ण नमी यहीं वर्षा के रूप में गिरा देती हैं।