कक्षा ७ सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 भारत की भौगोलिक विविधता के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवाँ बड़ा देश है और एशिया महाद्वीप का भाग है। पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और म्यांमार के साथ मिलकर यह भारतीय उपमहाद्वीप बनाता है। अध्ययन की सुविधा के लिए भारत को पाँच प्रमुख भागों में बाँटा जाता है — महान पर्वतीय क्षेत्र, गंगा और सिंधु का मैदान, मरुस्थलीय भूभाग, दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्र तथा द्वीपसमूह। हिमालय उत्तर में लगभग 2500 कि.मी. लंबी प्राकृतिक प्राचीर है। इसकी कई चोटियाँ 8000 मीटर से ऊँची हैं (‘आठ हजारी’)। इसकी तीन श्रेणियाँ हैं — हिमाद्रि (वृहद हिमालय), हिमाचल (लघु हिमालय) और शिवालिक पहाड़ियाँ (बाह्य हिमालय)। पिघलती बर्फ सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र को जल देती है, इसलिए इसे ‘ एशिया का जल शिखर ’ कहा जाता है। भारतीय भूभाग गोंडवाना से अलग होकर उत्तर की ओर बढ़ा और लगभग पाँच करोड़ वर्ष पूर्व यूरेशिया से टकराया — इसी से हिमालय बना
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| शब्द | अर्थ | अध्याय में कहाँ | उदाहरण / विवरण |
|---|---|---|---|
| उपमहाद्वीप | महाद्वीप का वह बड़ा भाग जो शेष महाद्वीप से कुछ अलग प्रतीत होता है | पृष्ठ 2 — भारत और उसके पड़ोसी | भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार |
| हिमाद्रि | वृहद हिमालय — सर्वाधिक ऊँची और विकट श्रृंखला, वर्ष भर हिमाच्छादित | पृष्ठ 6 — तीन श्रेणियाँ | माउंट एवरेस्ट, कंचनजुंगा |
| हिमाचल | लघु हिमालय — समशीतोष्ण जलवायु, समृद्ध जैव विविधता | पृष्ठ 6 | नैनीताल, मसूरी, दार्जिलिंग, शिमला |
| शिवालिक पहाड़ियाँ | बाह्य हिमालय — घुमावदार पहाड़ियाँ और घने जंगल, संक्रमण क्षेत्र | पृष्ठ 6 | हिमालय और गंगा के मैदानों के बीच |
| गोंडवाना | वह प्राचीन विशाल भूभाग जिसका भाग कभी भारत था और जिसका पड़ोसी अफ्रीका था | पृष्ठ 5 — हिमालय का निर्माण | भारत अलग होकर उत्तर की ओर बढ़ा |
| शीत मरुस्थल | ऐसा मरुस्थल जो उष्ण नहीं, शीत होता है — बहुत कम वर्षा, ऊबड़-खाबड़ चट्टानी भूभाग | पृष्ठ 8 — लद्दाख | सर्दियों में –30°C से नीचे; पैंगोंग त्सो; ‘चंद्रभूमि’ |
| रेत का टीला | पवन द्वारा रेत को समेटकर बनाई गई पहाड़ी जैसी आकृति | पृष्ठ 12–13 — थार | कभी-कभी 150 मीटर तक ऊँचे |
| टांका / कुंड | राजस्थान की पारंपरिक जल-संग्रह संरचनाएँ जो वर्षा जल संचित करती हैं | पृष्ठ 14 — इसे अनदेखा न करें | थार में जल-संरक्षण की अनूठी विधि |
| पठार | वह स्थल रूप जो आस-पास की भूमि से ऊँचा हो और जिसकी सतह प्राय: समतल हो | पृष्ठ 16 — पुनरावलोकन करें | दक्कन का पठार |
| प्रायद्वीप | वह भूभाग जो तीन ओर से जल से घिरा होता है | पृष्ठ 16 — हाशिये की टिप्पणी | प्रायद्वीपीय भारत — अरब सागर, बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर |
| मुहाना (एस्चुरी) | नदी का चौड़ा मुख जहाँ वह सीधे समुद्र में मिलती है | पृष्ठ 19 — पश्चिमी तट | नर्मदा और ताप्ती के मुहाने, इस तट पर सबसे बड़े |
| डेल्टा | नदी के मुहाने पर अवसादों से बनी त्रिभुजाकार या पंखाकार भू-आकृति | पृष्ठ 20 — पूर्वी तट | महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी; सुंदरवन का डेल्टा |
| लैगून | प्राकृतिक अवरोधक द्वारा बड़े जलाशय से अलग हुई झील | पृष्ठ 20 | पुलिकट झील; चिल्का झील |
| द्वीपसमूह | द्वीपों का समूह | पृष्ठ 21 — लक्षद्वीप | केरल के मालाबार तट के पास मूँगे से बने 36 द्वीप |
| जीवित जड़ों का पुल | कई वर्षों तक पेड़ों की जड़ों को आपस में बुनकर तैयार किया गया पुल | पृष्ठ 23–24 — मेघालय | नोंग्रियाट गाँव, चेरापूंजी; मावलिननॉन्ग गाँव |
अभ्यास
- महत्वपूर्ण प्रश्न
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- पुनरावलोकन करें
- आइए पता लगाएँ
- इसे अनदेखा न करें
- आइए पता लगाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- पुनरावलोकन करें
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- आगे बढ़ने से पहले…
- प्रश्न और क्रियाकलाप