प्र1.
मानचित्र पर हिमालय पर्वत श्रृंखला की लंबाई को देखिए। यह एक विशाल प्राकृतिक प्राचीर के समान प्रतीत होती है। क्या आप मानचित्र की संकेत-सूची के माध्यम से हिमालय के विभिन्न स्थानों की ऊँचाई का अनुमान लगा सकते हैं?
उत्तर
मानचित्र पर यह श्रृंखला संपूर्ण उत्तर में एक लंबे चाप के रूप में फैली है। चित्र 1.2 का शीर्षक इसकी लंबाई बताता है — लगभग 2500 कि.मी.
दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ने पर रंग बदलते जाते हैं और संकेत-सूची उन्हें ऊँचाई में बदल देती है —
| श्रेणी | मानचित्र पर रंग | अनुमानित ऊँचाई |
|---|---|---|
| शिवालिक (बाह्य हिमालय) | हरे मैदानों के ठीक ऊपर हल्का भूरा | कुछ सौ मीटर से लगभग 1500 मीटर |
| हिमाचल (लघु हिमालय) | गहरा भूरा | लगभग 1500–4500 मीटर — पर्वतीय पर्यटन स्थलों की पट्टी |
| हिमाद्रि (वृहद हिमालय) | सबसे गहरा भूरा, फिर सफ़ेद | 4500 मीटर से ऊपर, चोटियाँ 8000 मीटर से भी अधिक |
यह प्राचीर जैसी क्यों दिखती है: उत्तर-दक्षिण थोड़ी-सी दूरी में ही ऊँचाई बहुत तेज़ी से बढ़ती है। मैदान की लगभग 200 मीटर ऊँचाई से 8000 मीटर तक की चढ़ाई मात्र 200–300 कि.मी. में हो जाती है — इसीलिए मानचित्र पर तीनों रंग-पट्टियाँ एक-दूसरे से सटी हुई दिखती हैं।
स्वयं जाँचिए: सही आँकड़े आपकी पुस्तक के मानचित्र पर छपी संकेत-सूची पर निर्भर करते हैं, इसलिए उत्तर लिखने से पहले उसे अवश्य पढ़िए।