अन्वेषण अध्याय 1 आइए पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या आपको अक्षांश और देशांतर रेखाओं पर अपना पाठ याद है? मानचित्र को देखिए। क्या आप बता सकते हैं कि भारत लगभग किन अक्षांशों और देशांतर रेखाओं के मध्य स्थित है?
उत्तर

भौतिक मानचित्र के किनारों पर छपी रेखाओं को पढ़ने पर भारत का मुख्य भूभाग लगभग इस प्रकार स्थित मिलता है —

अक्षांश : लगभग 8°उ. से 37°उ.
देशांतर : लगभग 68°पू. से 97°पू.

अर्थात संपूर्ण भारत भूमध्य रेखा के उत्तर तथा प्रधान मध्याह्न रेखा के पूर्व में है — उत्तरी और पूर्वी गोलार्ध में। द्वीपसमूहों को भी जोड़ लें तो देश निकोबार में लगभग 6°उ. तक पहुँच जाता है।

इसका महत्व: कर्क रेखा (23½°उ.) भारत के लगभग मध्य से होकर गुजरती है। इसीलिए दक्षिण भारत वर्ष भर उष्ण रहता है, जबकि उत्तर भारत में ठंडी सर्दी पड़ती है — यही एक बड़ा कारण है कि यहाँ इतनी भिन्न फसलें, वन और जीवन-शैलियाँ मिलती हैं।
संकेत: अक्षांश मानचित्र के किनारे (उत्तर-दक्षिण स्थिति) पर और देशांतर ऊपर-नीचे (पूर्व-पश्चिम स्थिति) पढ़े जाते हैं। प्रश्न में केवल अनुमानित उत्तर अपेक्षित है, इसलिए निकटतम छपी रेखा का मान ले लीजिए।
प्र2.
भारत के भौतिक मानचित्र पर उपर्युक्त विशेषताओं की पहचान कीजिए।
उत्तर

इस बॉक्स से ठीक पहले जिन विशेषताओं का उल्लेख है, वे भारत की चार प्राकृतिक सीमाएँ हैं। भौतिक मानचित्र पर —

विशेषताकहाँ देखिएभूमिका
हिमालय पर्वत श्रृंखलासंपूर्ण उत्तरी किनारा, भूरे-सफ़ेद रंग का चौड़ा चापउत्तर में प्राकृतिक प्राचीर
थार मरुस्थलपश्चिम में पीला क्षेत्र, मुख्यतः राजस्थान मेंसागर के साथ पश्चिमी सीमा
अरब सागरप्रायद्वीप के पश्चिम में नीला भागपश्चिमी जल-सीमा
हिंद महासागरदक्षिण में, कन्याकुमारी के नीचेदक्षिणी सीमा
बंगाल की खाड़ीप्रायद्वीप के पूर्व में नीला भागपूर्वी सीमा

अध्याय में बताए गए पड़ोसी देश भी खोजिए — उत्तर-पश्चिम में पाकिस्तान, हिमालय के साथ नेपाल, भूटान और चीन, पूर्व में बांग्लादेश तथा म्यांमार, और दक्षिण में सँकरे समुद्र के पार श्रीलंका

ऐसा क्यों: पर्वत, मरुस्थल और सागर — तीनों आवागमन को कठिन बनाते हैं। इन्होंने मिलकर भारत को शेष एशिया से अलग किया और इसकी अपनी जलवायु, संस्कृति तथा इतिहास को आकार दिया — ठीक वही बात जो अध्याय के आरंभ में श्री अरविंद के कथन में कही गई है।
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