प्र1.
इस पुस्तक के अंत में दिए गए भारत के मानचित्र का अवलोकन कीजिए। आपको इसमें क्या-क्या दिखाई दे रहा है?
उत्तर
सबसे पहले यही दिखाई देता है कि भारत किसी एक प्रकार का भूभाग नहीं, अनेक प्रकार के भूभागों का देश है। मानचित्र को उत्तर से दक्षिण की ओर पढ़िए —
- संपूर्ण उत्तर में भूरे और सफ़ेद रंग की एक लंबी पट्टी — हिमालय, जो जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक धनुषाकार फैला है।
- उसके नीचे पूर्व-पश्चिम में फैली चौड़ी हरी पट्टी — समतल उत्तरी (गंगा के) मैदान, जिनमें नीली मोटी रेखाएँ हैं : सिंधु, गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र।
- पश्चिम में एक पीला क्षेत्र — थार मरुस्थल — और उसकी पूर्वी सीमा पर अरावली की पतली श्रृंखला।
- मध्य और दक्षिण में हल्के भूरे रंग का बड़ा त्रिकोणीय भूभाग — प्रायद्वीपीय पठार, जिसके दोनों ओर पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट हैं।
- तीन ओर नीला रंग — अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर — तथा दो द्वीपसमूह : लक्षद्वीप एवं अंडमान और निकोबार।
संकेत: उँगली से तटरेखा पर चलिए और गिनिए कि कितने राज्य समुद्र से लगे हैं। आपको नौ तटीय राज्य तथा कुछ केंद्रशासित प्रदेश मिलेंगे।