अन्वेषण अध्याय 2 मौसम को समझना के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-05

इस अध्याय के बारे में

मौसम किसी समय और स्थान विशेष पर पृथ्वी की वायुमंडलीय दशा है। लगभग सभी मौसमी घटनाएँ क्षोभमंडल में घटित होती हैं, जो पृथ्वी की सतह से 6 से 18 किमी तक विस्तृत है। मौसम के पाँच तत्व हैं — तापमान, वर्षण, वायुमंडलीय दाब, पवन और आर्द्रता। ‘गर्म’ या ‘ठिठुरन’ जैसे शब्द हर व्यक्ति के लिए अलग अर्थ रखते हैं, इसलिए मौसम को सर्वमान्य मानकों — °C, मि.मी., मिलीबार, किमी/घंटा और प्रतिशत — में मापना आवश्यक है। प्रत्येक तत्व का अपना उपकरण है — तापमापी, वर्षामापी, वायुदाबमापी, वात दिक्सूचक यंत्र और पवन वेगमापी, तथा आर्द्रतामापी। मौसम केंद्र और स्वचालित मौसम केंद्र (AWS) इन सबको एक स्थान पर लाते हैं। इन्हीं आँकड़ों के लंबे अभिलेखों से मौसम-विज्ञानी पूर्वानुमान लगाते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना 1875 में हुई थी और यह ऐसे मानचित्र जारी करता है जिनमें प्रत्येक उपखंड हरा, पीला, नारंगी या लाल रंग में दर्

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