अन्वेषण अध्याय 3 भारत की जलवायु के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-05
इस अध्याय के बारे में
मौसम वह है जिसे हम प्रतिदिन या हर घंटे अनुभव करते हैं; ऋतुएँ प्रतिवर्ष लौटती हैं; और जलवायु किसी क्षेत्र में मौसम का वह प्रतिरूप है जो कम से कम कई दशकों तक अनुभव किया जाता है। पारंपरिक रूप से भारत में वर्ष को छह ऋतुओं — वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर — में बाँटा जाता है। एक ही देश में सात प्रकार की जलवायु — अल्पाइन (हिमालय), समशीतोष्ण (हिमालय के निचले एवं पहाड़ी क्षेत्र), उपोष्ण कटिबंधीय (उत्तरी मैदान), शुष्क (थार मरुस्थल), उष्णकटिबंधीय आर्द्र (पश्चिमी तटीय पट्टी), अर्ध-शुष्क (दक्कन पठार) और उष्णकटिबंधीय (पूर्वी भारत एवं दक्षिणी प्रायद्वीप)। जलवायु को पाँच कारक निर्धारित करते हैं — अक्षांश (सूर्य की किरणों का कोण), ऊँचाई (ऊपर जाने पर वायु विरल और ठंडी), समुद्र से निकटता (समुद्र तापमान को नियंत्रित करता है), पवनें (ताप एवं नमी लाती हैं) और स्थलाकृति (पर्वत पवनों को रोकते या ऊपर उ
अभ्यास
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