कक्षा ७ सामाजिक विज्ञान अध्याय 3 भारत की जलवायु के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
मौसम वह है जिसे हम प्रतिदिन या हर घंटे अनुभव करते हैं; ऋतुएँ प्रतिवर्ष लौटती हैं; और जलवायु किसी क्षेत्र में मौसम का वह प्रतिरूप है जो कम से कम कई दशकों तक अनुभव किया जाता है। पारंपरिक रूप से भारत में वर्ष को छह ऋतुओं — वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर — में बाँटा जाता है। एक ही देश में सात प्रकार की जलवायु — अल्पाइन (हिमालय), समशीतोष्ण (हिमालय के निचले एवं पहाड़ी क्षेत्र), उपोष्ण कटिबंधीय (उत्तरी मैदान), शुष्क (थार मरुस्थल), उष्णकटिबंधीय आर्द्र (पश्चिमी तटीय पट्टी), अर्ध-शुष्क (दक्कन पठार) और उष्णकटिबंधीय (पूर्वी भारत एवं दक्षिणी प्रायद्वीप)। जलवायु को पाँच कारक निर्धारित करते हैं — अक्षांश (सूर्य की किरणों का कोण), ऊँचाई (ऊपर जाने पर वायु विरल और ठंडी), समुद्र से निकटता (समुद्र तापमान को नियंत्रित करता है), पवनें (ताप एवं नमी लाती हैं) और स्थलाकृति (पर्वत पवनों को रोकते या ऊपर उ
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| शब्द | अर्थ | अध्याय में कहाँ | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| मौसम | जिसे हम प्रतिदिन या हर घंटे अनुभव करते हैं; यह बदलता रहता है | पृष्ठ 46 | वर्षा, तेज धूप, तेज हवा |
| जलवायु | किसी क्षेत्र में लंबे समय — कम से कम कई दशकों — तक अनुभव किया गया मौसम का प्रतिरूप | पृष्ठ 46 | थार मरुस्थल की शुष्क जलवायु |
| ऋतु | पारंपरिक भारतीय छह-ऋतु वर्ष की एक ऋतु | पृष्ठ 46 | वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत, शिशिर |
| अक्षांश | भूमध्य रेखा से दूरी, जो सूर्य की किरणों का कोण तय करती है | पृष्ठ 49 | कन्याकुमारी गर्म, श्रीनगर ठंडा |
| ऊँचाई | समुद्र तल से ऊँचाई; बढ़ने पर तापमान घटता है | पृष्ठ 50 | पर्वतीय पर्यटन स्थल — ऊटी, शिमला, दार्जिलिंग, मुन्नार |
| स्थलाकृति | किसी क्षेत्र के धरातल पर अभिलक्षणों की समग्रता | हाशिया, पृष्ठ 52 | हिमालय जो मध्य एशिया की ठंडी पवनों से बचाता है |
| सूक्ष्म जलवायु | छोटे-से क्षेत्र में स्थानीयकृत जलवायु, जो आस-पास से भिन्न होती है | पृष्ठ 53 | ‘नगरीय ऊष्मा द्वीप’; संकीर्ण घाटी |
| मानसून | हिंद महासागरीय क्षेत्र की मौसमी पवनें (और उनसे होने वाली वर्षा); अरबी मौसिम = ऋतु | पृष्ठ 54 | जून के आरंभ में केरल पहुँचता दक्षिण-पश्चिम मानसून |
| चक्रवात की आँख | अवदाब का बादलरहित केंद्र, जिसके चारों ओर पवनें घूमती हैं | पृष्ठ 59 | चित्र 3.14 |
| हिमनदीय विस्फोट | हिमनदीय झील के चट्टान-हिम अवरोध को तोड़कर जल का बह निकलना | पृष्ठ 60 | उत्तराखंड, 2013 — केदारनाथ आपदा |
| जीवाश्म ईंधन | लाखों वर्ष पहले दबे पौधों-जानवरों के अवशेषों से बने ऊर्जा स्रोत | हाशिया, पृष्ठ 62 | कोयला, पेट्रोलियम तेल, प्राकृतिक गैस |
| न्यूनीकरण | वैश्विक तापमान वृद्धि को धीमा करने और जलवायु परिवर्तन के कारण घटाने वाले उपाय | हाशिया, पृष्ठ 64 | उत्सर्जन में कटौती, वृक्षारोपण, नवीकरणीय ऊर्जा |
| लचीलापन | आपदाओं का सामना करने या उनसे शीघ्र उबरने की क्षमता | हाशिया, पृष्ठ 64 | चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण करते समुदाय |
अभ्यास
- महत्वपूर्ण प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- आइए पता लगाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- पुनरावलोकन करें
- पाठ्य प्रश्न
- आइए पता लगाएँ
- पुनरावलोकन करें
- इसे अनदेखा न करें
- आइए पता लगाएँ
- आइए पता लगाएँ
- इसे अनदेखा न करें
- पाठ्य प्रश्न
- आइए विचार करें
- आइए पता लगाएँ
- इसे अनदेखा न करें
- आइए पता लगाएँ
- पाठ्य प्रश्न
- आगे बढ़ने से पहले...
- प्रश्न और क्रियाकलाप