प्र1.
बादल क्या हैं? आप कह सकते हैं कि ये आकाश में सफेद गुच्छे हैं। लेकिन ये किससे बने हैं? इसका उत्तर सरल है— जल। लेकिन ये केवल जल नहीं हैं। बादल जल की बूँदें और हिम के टुकड़े या दोनों का मिश्रण होते हैं, जो वायुमंडल में लटके रहते हैं।
उत्तर
बादल जल से बने हैं — पर जलवाष्प से नहीं। विचार करने योग्य बात यही है, और यहीं अधिकांश लोग भूल करते हैं।
| जल का रूप | क्या दिखाई देता है? | आकाश में कहाँ |
|---|---|---|
| जलवाष्प | नहीं — यह पूर्णतः अदृश्य है | इसी समय आपके चारों ओर की वायु में |
| जल की बूँदें | हाँ, जब पर्याप्त संख्या में एक साथ हों | नीचे और मध्य के बादलों की सफेदी |
| हिम के टुकड़े | हाँ | ऊँचे, ठंडे बादल — पतले, रेशेदार |
अर्थात बादल जल की सूक्ष्म बूँदों, हिम के टुकड़ों, या दोनों के मिश्रण का समूह है, जो वायुमंडल में लटका रहता है। ये तब बनते हैं जब नम वायु ऊपर उठकर ठंडी होती है और अदृश्य वाष्प धूल के कणों पर संघनित होकर इतनी छोटी बूँदें बना लेती है कि वे गिर नहीं पातीं।
जल भारी होने पर भी बादल क्यों तैरता है: बूँदें अकल्पनीय रूप से छोटी होती हैं — इस वाक्य के अंत के पूर्ण विराम पर हजारों बूँदें समा जाएँ। इतनी छोटी वस्तु इतनी धीमी गति से गिरती है कि वायु की हल्की-सी ऊपर की गति भी उसे थामे रखती है। वर्षा तभी आरंभ होती है जब बूँदें टकराकर इतनी बड़ी हो जाएँ कि ऊपर उठती वायु को हरा सकें।
स्वयं जाँचिए: केतली से उठता सफेद धुआँ भाप नहीं है। टोंटी के ठीक ऊपर का अदृश्य अंतराल असली भाप है; उससे एक सेंटीमीटर दूर दिखता सफेद गुच्छा संघनित बूँदें हैं — आपकी रसोई में बना एक नन्हा बादल।