अन्वेषण अध्याय 3 इसे अनदेखा न करें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स — एन.डी.आर.एफ.) को प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाता है। एन.डी.आर.एफ. बटालियन भारत में 12 अलग-अलग स्थानों पर स्थित हैं। एन.डी.आर.एफ. ने चक्रवात, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उत्तर

इस छोटे-से बॉक्स में दो बड़ी बातें छिपी हैं।

 बॉक्स क्या कहता हैऐसा क्यों रखा गया है
दोनों प्रकार के लिए प्रशिक्षणप्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाएँभवन गिरना, रासायनिक रिसाव या रेल दुर्घटना — इन सबमें बाढ़-बचाव जैसे ही कौशल चाहिए : रस्सी, नाव, काटने के उपकरण और प्राथमिक चिकित्सा
12 स्थानों पर तैनातीबटालियनें पूरे देश में फैली हैं, एक ही जगह नहींआपदा में पहले कुछ घंटे ही जीवन तय करते हैं। एक ही नगर में खड़ा बल शेष देश के लिए बहुत देर से पहुँचता

ध्यान दीजिए कि यह बॉक्स अपने भाग से कैसे जुड़ा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग चक्रवात बनते ही बता देता है कि वह कहाँ टकराएगा; एन.डी.आर.एफ. उससे पहले ही उस तट पर पहुँचकर लोगों को हटाने लगता है। पूर्वानुमान और तैयारी — यही महत्वपूर्ण प्रश्न 4 का उत्तर है।

क्या आप जानते हैं? 1999 के ओडिशा महाचक्रवात में लगभग दस हजार लोगों की मृत्यु हुई थी। 2019 में उसी तट पर चक्रवात फानी (चित्र 3.13) आया, किंतु समय पर चेतावनी और बड़े पैमाने पर निकासी के कारण मृतकों की संख्या उसका बहुत छोटा अंश रह गई।
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