अन्वेषण अध्याय 3 पुनरावलोकन करें

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
हमने कक्षा 6 में अक्षांशों के विषय में पढ़ा था। क्या आपको याद है कि अक्षांश भूमध्य रेखा की दूरी से मापे जाते हैं और जैसे-जैसे हम इससे दूर (या तो उत्तर की ओर या दक्षिण की ओर) जाते हैं, ये बढ़ते जाते हैं? विषुवत रेखा के आस-पास की जलवायु बहुत गर्म होती है लेकिन अक्षांश बढ़ने के साथ-साथ यह समशीतोष्ण और फिर ठंडी या बर्फीली हो जाती है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर

ऐसा उस कोण के कारण होता है जिस पर सूर्य की किरणें किसी क्षेत्र विशेष पर पड़ती हैं — और इसलिए भी कि उन्हें वायुमंडल का कितना भाग पार करना पड़ता है।

वायुमंडल किरणें लगभग लंबवत ऊर्जा छोटे क्षेत्र पर केंद्रित → गर्म वायुमंडल में सबसे छोटा मार्ग भूमध्य रेखा ध्रुव किरणें तिरछी उतनी ही ऊर्जा बड़े क्षेत्र पर फैली → ठंडा वायुमंडल में सबसे लंबा मार्ग
चित्र 3.4 का विचार। सूर्य किरणों का उतना ही पुंज भूमध्य रेखा पर छोटे-से टुकड़े पर और ध्रुव के पास खिंचे हुए चौड़े क्षेत्र पर गिरता है।

दो कारण, दोनों चित्र 3.4 में दिखाए गए हैं :

  1. कोण। भूमध्य रेखा पर किरणें लगभग लंबवत होती हैं, इसलिए उनकी संपूर्ण ऊर्जा पृथ्वी की सतह के छोटे-से क्षेत्र पर केंद्रित हो जाती है। ध्रुवीय क्षेत्रों में किरणें झुकी हुई या तिरछी होती हैं और उतनी ही ऊर्जा बड़ी सतह पर बँट जाती है।
  2. वायुमंडल का मार्ग। तिरछी किरणों को पृथ्वी के वायुमंडल के बहुत बड़े भाग से गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी ऊर्जा और भी अधिक नष्ट हो जाती है।

परिणामस्वरूप ध्रुवीय क्षेत्रों को विषुवत रेखीय क्षेत्रों की तुलना में कम ताप मिलता है, और अक्षांश बढ़ने के साथ जलवायु अत्यधिक गर्म से समशीतोष्ण और फिर ठंडी या बर्फीली होती जाती है।

स्वयं जाँचिए: अध्याय का भारतीय उदाहरण — कन्याकुमारी और निकोबार द्वीपसमूह भूमध्य रेखा के निकट होने के कारण लगभग पूरे वर्ष गर्म रहते हैं, जबकि उत्तर में स्थित श्रीनगर जैसे स्थान बहुत ठंडे रहते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ