इस पुनरावलोकन का विस्तार। भूगोल केवल दृश्य नहीं, जलवायु का तंत्र है।
| भू-आकृति | जलवायु पर प्रभाव | परिणाम |
|---|---|---|
| पर्वत (हिमालय, कराकोरम) | अत्यधिक ऊँचाई; और मध्य एशिया के ठंडे रेगिस्तानों की पवनों से रक्षा | ऊपर अल्पाइन, नीचे समशीतोष्ण पर्वतीय स्थल, और उत्तर भारत अपने अक्षांश की तुलना में कहीं अधिक गर्म |
| पर्वत (पश्चिमी घाट) | दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए प्राकृतिक अवरोध | पश्चिमी ढलानों पर उष्णकटिबंधीय आर्द्र; पीछे दक्कन पर कम और अंतरालों वाली वर्षा |
| मरुस्थल (थार) | लगभग समतल स्थलाकृति, गर्म-शुष्क पवनों से बचाव का कोई अवरोध नहीं | शुष्क जलवायु — अत्यधिक गर्म दिन, ठंडी रातें, बहुत कम वर्षा |
| पठार (दक्कन) | ऊँचा, भीतरी, घाटों की वृष्टि-छाया में | अर्ध-शुष्क — गर्म ग्रीष्म, हल्की सर्दी, सामान्य वर्षा |
| मैदान (उत्तरी) | समतल, समुद्र से दूर, उत्तर में पर्वतों से घिरे | उपोष्ण कटिबंधीय — अत्यधिक गर्म ग्रीष्म, ठंडी शीत ऋतु; भारत की गेहूँ पट्टी |
| तट और द्वीप | समुद्र निकट, जो तापमान नियंत्रित करता है; निम्न अक्षांश | उष्णकटिबंधीय और उष्ण आर्द्र — कम ताप परिसर, अधिक आर्द्रता |