प्र1.
यदि यह समाचार मिलता है कि किसी स्थान विशेष पर 30 मि.मी. वर्षा हुई, तो इसका क्या तात्पर्य है?
उत्तर
इसका तात्पर्य है कि यदि वह जल न बहता, न रिसता और न वाष्पित होता, तो उस दिन की वर्षा उस पूरे क्षेत्र को 30 मिलीमीटर (3 सेंटीमीटर) गहरी जल की परत से ढक देती।
वर्षा को आयतन में नहीं, गहराई में मापा जाता है
1 वर्ग मीटर पर 30 मि.मी. वर्षा = 30 लीटर जल
1 हेक्टेयर पर 30 मि.मी. वर्षा = 3,00,000 लीटर जल
1 वर्ग मीटर पर 30 मि.मी. वर्षा = 30 लीटर जल
1 हेक्टेयर पर 30 मि.मी. वर्षा = 3,00,000 लीटर जल
गहराई ही क्यों: गहराई से किन्हीं भी दो स्थानों की सीधी तुलना संभव हो जाती है। एक बड़े नगर और एक छोटे खेत — दोनों पर वर्षा समान तीव्रता की हो तो दोनों को “30 मि.मी.” ही मिलेगा। लीटरों की कुल संख्या बहुत भिन्न होगी, किंतु गहराई एक ही रहेगी। इसीलिए चेन्नई के 30 मि.मी. की तुलना चेरापूंजी के 30 मि.मी. से की जा सकती है।
संकेत: मोटे तौर पर, एक दिन में 10 मि.मी. से कम हल्की वर्षा है, 30 मि.मी. अच्छी वर्षा है, और 100 मि.मी. से अधिक वही ‘मूसलाधार वर्षा’ है जिसे भारत मौसम विज्ञान विभाग अपने चेतावनी मानचित्रों पर अंकित करता है।