प्र1.
विभिन्न परिस्थितियों में मौसम का पूर्वानुमान किस प्रकार सहायक हैं, इसकी चर्चा समूह में कीजिए। एक सूची बनाइए और बनाने के बाद अपने निकट बैठे समूह के साथ इसे साझा कर चर्चा कीजिए। आप अलग-अलग परिस्थितियों की कितनी श्रेणियों की पहचान कर सकते हैं?
उत्तर
इसे अच्छी तरह कैसे करें: केवल लंबी सूची मत बनाइए — उसे श्रेणियों में बाँटिए। प्रश्न की अंतिम पंक्ति यही माँग रही है। अपने समूह में पाँच मिनट काम कीजिए, फिर पास वाले समूह से मिलकर दोनों सूचियाँ जोड़िए; जिन श्रेणियों पर दोनों समूह सहमत हों, उनकी संख्या ही आपका उत्तर है।
नमूना उत्तर — छह श्रेणियाँ:
| श्रेणी | वे परिस्थितियाँ जहाँ पूर्वानुमान सहायक है |
|---|---|
| कृषि | बुआई, सिंचाई, छिड़काव और कटाई का समय; वर्षा से पहले कटी फसल खेत में न छोड़ना; ओलों से बाग की सुरक्षा |
| यात्रा और परिवहन | कोहरे या तूफान से उड़ानों में विलंब; जहाजों और मछली पकड़ने वाली नावों का बंदरगाह में रुकना; पहाड़ी मार्गों का भूस्खलन या हिमपात से बंद होना |
| आपदा की तैयारी | चक्रवात से पहले तट खाली कराना; बाढ़ के मैदानों से लोगों को हटाना; राहत सामग्री और नावें तैयार रखना |
| स्वास्थ्य और दैनिक जीवन | ताप लहर की सलाह, विद्यालयों का बदला समय, पेयजल केंद्र, शीत लहर में रैन-बसेरे |
| कार्य और उद्योग | निर्माण, सड़क निर्माण, अनाज सुखाना, नमक की क्यारियाँ, ईंट-भट्ठे, सौर और पवन ऊर्जा की योजना |
| आयोजन और मनोरंजन | क्रिकेट मैच, विवाह, ग्रामीण मेले, विद्यालय की यात्राएँ, ट्रेकिंग और अमरनाथ या केदारनाथ जैसी यात्राएँ |
श्रेणी बनाना क्यों आवश्यक है: दो समूह प्रायः वही बीस उदाहरण लिखेंगे। अंतर इसमें होता है कि वे कितने वास्तव में भिन्न प्रकार के उपयोग पहचान पाते हैं — और यही इस बात की सच्ची माप है कि आपने यह क्यों समझा है कि कोई देश मौसम सेवा क्यों चलाता है।