कक्षा ७ सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 आइए पता लगाएँ के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
आइए, मानचित्र पर वापस चलते हैं। थार मरुस्थल से पूर्व की ओर धीरे-धीरे अपने रास्ते को देखिए। क्या आपको अरावली की पहाड़ियाँ दिख रही हैं?पुस्तक के अंत में दिए गए भारत के भौतिक मानचित्र को यहाँ संकेत-चिह्न तथा अक्षांश और देशांतर रेखाओं सहित पुनः बनाया गया है।
उत्तर
हाँ। पीले थार क्षेत्र से पूर्व की ओर उँगली बढ़ाइए तो एक पतली, कहीं-कहीं टूटी हुई भूरी श्रृंखला दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर जाती दिखेगी — गुजरात तथा दक्षिणी राजस्थान में माउंट आबू के पास से उदयपुर, अजमेर और जयपुर होते हुए दिल्ली की पहाड़ी (रिज) तक। यही अरावली पर्वत श्रृंखला है।
अरावली के विषय में
अध्याय से विवरण
आयु
लगभग 2.5 अरब वर्ष — विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक
सबसे ऊँची चोटी
माउंट आबू, ऊँचाई 1722 मीटर
अधिकांश पहाड़ियाँ
300 से 900 मीटर तक ऊँची
खनिज
संगमरमर, ग्रेनाइट, जस्ता, ताँबा
ऐतिहासिक किले
चितौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर
मानचित्र पर यह पतली और नीची क्यों दिखती है: अरावली इतनी प्राचीन है कि अरबों वर्षों से पवन और जल इसका अपरदन करते आ रहे हैं। हिमालय की आयु मात्र लगभग पाँच करोड़ वर्ष है और वह आज भी ऊँचा हो रहा है — इसीलिए उसी मानचित्र पर वह विशाल दिखता है।
क्या आप जानते हैं? अध्याय बताता है कि अरावली में स्थित माउंट आबू से थार में स्थित जोधपुर की लगभग साढ़े चार घंटे की यात्रा आपको एक पूर्णतः भिन्न भौगोलिक परिदृश्य में पहुँचा देती है।