कुतूहल अध्याय 10 क्रियाकलाप 10.4: आइए, जाँच करें (निदर्शन क्रियाकलाप)

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अवलोकन कीजिए और तालिका 10.3 में जल, सूर्य के प्रकाश, पर्णहरित और कार्बन डाइऑक्साइड की उपलब्धता को अभिलेखित कीजिए। पत्ती को तोड़ लीजिए और क्रियाकलाप 10.2 में किए गए अनुसार आयोडीन परीक्षण का उपयोग करके मंड की उपस्थिति की जाँच कीजिए। अपने अवलोकन तालिका 10.3 में अभिलेखित कीजिए।
उत्तर

मंडरहित पत्ती का आधा भाग विपाटित कॉर्क के माध्यम से कास्टिक सोडा वाली चौड़े मुँह की बोतल के अंदर और शेष आधा भाग बोतल के बाहर वायु में रखा जाता है [चित्र 10.3(क)]। पूरे व्यवस्थापन को कुछ घंटों के लिए सूर्य के प्रकाश में रखा जाता है। पूर्ण की गई तालिका 10.3 इस प्रकार है —

तालिका 10.3 — पादपों द्वारा मंड बनाने में वायु की भूमिका
पत्ती का भागउपलब्धताक्या मंड है (हाँ/नहीं)
जलसूर्य का प्रकाशपर्णहरितकार्बन डाइऑक्साइड
पत्ती का वह भाग जो बोतल के अंदर हैहाँहाँहाँनहीं (कास्टिक सोडा ने अवशोषित कर ली)नहीं
पत्ती का वह भाग जो बोतल के बाहर हैहाँहाँहाँहाँहाँ

आयोडीन परीक्षण के पश्चात [चित्र 10.3(ख)] बोतल के बाहर वाला भाग नीला-काला हो जाता है; अंदर वाले भाग के रंग में कोई परिवर्तन नहीं होता।

सावधानी: कास्टिक सोडा एक प्रबल रसायन है जिससे त्वचा जल सकती है। इस रसायन का प्रयोग केवल शिक्षकों द्वारा ही किया जाए।
पौधे को पहले मंडरहित क्यों किया जाता है: यदि पौधे में पहले से भंडारित मंड होता तो पत्ती के दोनों भाग नीले-काले हो जाते और प्रयोग से कुछ सिद्ध न होता। दो-तीन दिन अँधेरे में रखने से यह भंडार समाप्त हो जाता है, अत: बाद में मिलने वाला मंड निश्चित रूप से प्रयोग के दौरान ही बना होगा।
प्र2.
यह प्रयोग क्या दर्शाता है?
उत्तर

यह प्रयोग दर्शाता है कि मंड बनाने के लिए वायु में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड पौधों के लिए अनिवार्य है।

दोनों भाग एक ही पत्ती के हैं, एक ही पौधे पर, उसी सूर्य के प्रकाश में, समान जल और समान पर्णहरित के साथ। अंतर केवल एक है — बोतल के अंदर वाली वायु से कास्टिक सोडा ने कार्बन डाइऑक्साइड हटा दी है। उस भाग में मंड नहीं बनता, दूसरे में बनता है।

एक ही पत्ती क्यों, दो पौधे क्यों नहीं: एक ही पत्ती के दो भाग लेने से शेष सभी परिस्थितियाँ स्वत: समान हो जाती हैं। किसी एक कारक की जाँच का यह सबसे स्वच्छ तरीक़ा है — एक अच्छे निष्पक्ष परीक्षण का उदाहरण।
प्र3.
क्रियाकलाप 10.3 और 10.4 के आधार पर आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?
उत्तर

दोनों क्रियाकलाप मिलकर पौधों में भोजन निर्माण की चारों आवश्यकताएँ बता देते हैं।

क्रियाकलापहटाया गया कारकमंड बना?निष्कर्ष
10.3 — अँधेरे में रखा पौधासूर्य का प्रकाशनहींसूर्य का प्रकाश अनिवार्य है
10.3 — पत्ती के अहरित धब्बेपर्णहरित (अपर्याप्त)नहींपर्णहरित अनिवार्य है
10.4 — बोतल के अंदर वाला पत्ती का भागकार्बन डाइऑक्साइडनहींकार्बन डाइऑक्साइड अनिवार्य है
10.1 — जलरहित गमलाजलपौधा मुरझा कर नष्टजल अनिवार्य है

निष्कर्ष: पौधों में भोजन के संश्लेषण के लिए सूर्य का प्रकाश, जल, पर्णहरित और कार्बन डाइऑक्साइड अनिवार्य हैं। यह प्रक्रिया, जिसके द्वारा पौधे सूर्य के प्रकाश और पर्णहरित की उपस्थिति में भोजन निर्मित करते हैं, प्रकाश संश्लेषण कहलाती है।

प्रकाश संश्लेषण में क्या जाता है और क्या बनता है प्रकाश संश्लेषण हरी पत्ती में (पर्णहरित + सूर्य का प्रकाश) कार्बन डाइऑक्साइड वायु से जल जड़ों से सूर्य का प्रकाश (ऊर्जा) ग्लूकोस मंड के रूप में भंडारित ऑक्सीजन वायु में निर्मुक्त इनमें से कोई एक हटा दें तो मंड नहीं बनता।
प्रकाश संश्लेषण में जाने वाला कच्चा माल और बनने वाले उत्पाद। क्रियाकलाप 10.1, 10.3 और 10.4 में एक-एक कारक हटाकर दिखाया गया है कि तब मंड नहीं बनता।
प्र4.
पौधे का कौन-सा भाग मंड के संश्लेषण में सम्मिलित है?
उत्तर

मुख्य रूप से पत्तीपत्ती प्रकाश संश्लेषण का प्रमुख स्थान है — इसीलिए पत्तियों को पौधों की 'भोजन निर्माणशाला' कहा जाता है।

पत्ती इस कार्य के लिए इसलिए उपयुक्त है क्योंकि वह —

  • चौड़ी और चपटी होती है — सूर्य के प्रकाश को प्रग्रहण करने के लिए बड़ा पृष्ठ मिलता है;
  • हरी होती है — उसमें प्रकाश प्रग्रहण करने वाला पर्णहरित भरपूर होता है;
  • रंध्रों से युक्त होती है — जिनसे कार्बन डाइऑक्साइड भीतर आती है;
  • दारु से जुड़ी होती है — जो जड़ों से जल लाता है।
प्र5.
क्या पौधे के अन्य हरे भाग भी प्रकाश संश्लेषण करते हैं?
उत्तर

हाँ। पौधे के अन्य भाग जिनमें पर्णहरित होता है, वे भी प्रकाश संश्लेषण करते हैं।

  • नए पौधों के हरे तने, तथा नागफनी (कैक्टस) का तना, जिसमें पत्तियाँ काँटों में बदल जाने के कारण तना ही यह कार्य करता है।
  • पुष्प के हरे बाह्यदल तथा कच्चे आम और लौकी जैसे कच्चे फलों का हरा छिलका।
  • पर्णवृंत और प्रतान (टेंड्रिल) के हरे भाग।
स्वयं जाँचिए: मनी प्लांट को मंडरहित करके एक दिन सूर्य के प्रकाश में रखिए और फिर उसके हरे तने के टुकड़े पर आयोडीन परीक्षण कीजिए। वह भी नीला-काला हो जाता है।
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