कक्षा ७ विज्ञान अध्याय 11 क्रियाकलाप 11.8: आइए, प्रयोग करें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
अब दर्पण के समीप खड़े हो जाइए। क्या प्रतिबिंब भी दर्पण के अधिक समीप बनता है?
समतल दर्पणआपदर्पण में आपका प्रतिबिंब
चित्र 11.11, पृष्ठ 161 (पुनर्रचित रेखाचित्र): समतल दर्पण के सामने खड़ा विद्यार्थी दर्पण में अपना प्रतिबिंब देख रहा है।
उत्तर

हाँ। जब आप दर्पण के समीप खड़े होते हैं तो आपका प्रतिबिंब भी दर्पण के ठीक पीछे, उतना ही समीप बनता है। पीछे हटते ही प्रतिबिंब भी उतना ही पीछे चला जाता है।

यह कीजिए: दर्पण की ओर धीरे-धीरे चलिए। प्रतिबिंब भी उसी चाल से आपकी ओर आता है, अत: आपके और आपके प्रतिबिंब के बीच की दूरी आपके कदमों से दुगुनी तेजी से घटती है।
प्र2.
दर्पण के सामने भिन्न-भिन्न दूरियों पर खड़े हो जाइए और ध्यान दीजिए कि प्रत्येक स्थिति में प्रतिबिंब दर्पण से कितनी दूरी पर बनता है। क्या आप दर्पण से आपकी दूरी और दर्पण से आपके प्रतिबिंब की दूरी में कोई संबंध पाते हैं?
समतल दर्पणआपदर्पण में आपका प्रतिबिंब
चित्र 11.11, पृष्ठ 161 (पुनर्रचित रेखाचित्र): समतल दर्पण के सामने खड़ा विद्यार्थी दर्पण में अपना प्रतिबिंब देख रहा है।
उत्तर

हाँ, संबंध बहुत सरल है —

दर्पण के पीछे प्रतिबिंब की दूरी = दर्पण के सामने वस्तु की दूरी

यदि आप दर्पण से 1 m सामने खड़े हैं तो प्रतिबिंब दर्पण से 1 m पीछे बनेगा और आपसे 2 m दूर प्रतीत होगा। 3 m दूर खड़े होने पर प्रतिबिंब भी दर्पण से 3 m पीछे बनेगा।

दर्पण वस्तु प्रतिबिंब d d
समतल दर्पण में प्रतिबिंब सदैव दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने होती है, और उसका आमाप वस्तु के समान होता है।
प्र3.
अपना बायाँ हाथ उठाइए और देखिए कि दर्पण में बना प्रतिबिंब कौन-सा हाथ उठाता है? अपना दायाँ कान स्पर्श कीजिए और देखिए कि दर्पण में बना प्रतिबिंब कौन-से कान को स्पर्श करता है?
उत्तर

आप बायाँ हाथ उठाते हैं तो प्रतिबिंब अपना दायाँ हाथ उठाता हुआ दिखाई देता है। आप दायाँ कान स्पर्श करते हैं तो प्रतिबिंब अपना बायाँ कान स्पर्श करता दिखता है।

प्रतिबिंब में हुए इस वाम-दक्षिण उत्क्रमण को पार्श्व उत्क्रमण कहते हैं। समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंबों में पार्श्व उत्क्रमण होता है।

ऐसा क्यों होता है: दर्पण आपको वास्तव में घुमाता नहीं; वह तो आपके प्रत्येक बिंदु को सीधे उसके सामने वाली दिशा में लौटा देता है। आपके बाएँ पक्ष का निकटतम बिंदु प्रतिबिंब में उस ओर आता है जिसे हम प्रतिबिंब का दायाँ पक्ष कहते हैं। इस प्रकार पक्ष आपस में बदल जाते हैं, जबकि ऊपर-नीचे नहीं बदलते — इसीलिए प्रतिबिंब सीधा बना रहता है।
क्या आप जानते हैं? इसी कारण रोगी वाहन के अगले भाग पर AMBULANCE उल्टा लिखा जाता है। आगे चलते वाहन का चालक इसे पश्चदर्शी दर्पण में देखता है, जहाँ पार्श्व उत्क्रमण से यह पुन: ‘AMBULANCE’ पढ़ा जाता है और तुरंत समझ में आ जाता है।
क्या यह उपयोगी रहा?