दर्पण में एक दूसरा पेन दिखाई देता है, जो दर्पण के पीछे रखा प्रतीत होता है और बिल्कुल असली पेन जैसा ही दिखता है।
मेज पर रखा पेन वस्तु है; दर्पण के पीछे दिखाई देने वाला पेन दर्पण द्वारा बना उसका प्रतिबिंब है।
अद्यतन2026-09-05
दर्पण में एक दूसरा पेन दिखाई देता है, जो दर्पण के पीछे रखा प्रतीत होता है और बिल्कुल असली पेन जैसा ही दिखता है।
मेज पर रखा पेन वस्तु है; दर्पण के पीछे दिखाई देने वाला पेन दर्पण द्वारा बना उसका प्रतिबिंब है।
हाँ। प्रत्येक स्थिति में प्रतिबिंब का आमाप ठीक पेन के आमाप के बराबर होता है।
पेन को दर्पण के पास लाइए या दूर ले जाइए — प्रतिबिंब वस्तु की तुलना में कभी न बड़ा होता है, न छोटा।
हाँ। प्रत्येक स्थिति में प्रतिबिंब सीधा बनता है और पेन की नोक ऊपर की ओर ही इंगित करती दिखाई देती है — प्रतिबिंब कभी उल्टा नहीं बनता।
जिस प्रतिबिंब के ऊपरी व निचले सिरे वस्तु के सिरों के समान ही हों, उसे सीधा प्रतिबिंब कहते हैं। किसी समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सीधा होता है।
नहीं। प्रतिबिंब पर्दे पर प्राप्त नहीं होता — न दर्पण के पीछे और न ही दर्पण के सामने। पर्दे को कहीं भी घुमाइए, उस पर कुछ नहीं बनता।