(i) संभावित कारण। रमेश 11 वर्ष का है, अर्थात् वह किशोरावस्था में प्रवेश कर चुका है। इस अवस्था में त्वचा से तैलीय स्रावों की मात्रा बढ़ जाती है। यह अतिरिक्त तेल, मृत त्वचा और धूल के साथ मिलकर त्वचा के छिद्रों को अवरुद्ध कर देता है। अवरुद्ध छिद्रों में संक्रमण हो जाता है और छोटे लाल मुँहासे निकल आते हैं — प्रायः चेहरे पर, जहाँ तैल ग्रंथियाँ अधिक होती हैं। इस त्वचा-संबंधी स्थिति को ऐक्नी कहते हैं; मुँहासे उसी की अभिव्यक्ति हैं।
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त्वचा के छिद्र अवरुद्ध
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अवरुद्ध छिद्र में संक्रमण
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छोटा लाल मुँहासा — इस स्थिति को ऐक्नी कहते हैं
(ii) रमेश क्या कर सकता है।
- दिन में दो-तीन बार स्वच्छ जल और हल्के साबुन या फेस-वॉश से चेहरा धीरे-धीरे धोए, जिससे अतिरिक्त तेल हट जाए।
- मुँहासों को दबाए, नोचे या फोड़े नहीं। दबाने से संक्रमण गहरा हो जाता है और काले दाग या निशान रह जाते हैं।
- गंदे हाथों से चेहरा न छुए; बालों को स्वच्छ रखे और चेहरे से दूर रखे; अपना ही स्वच्छ तौलिया और तकिये का गिलाफ प्रयोग करे।
- चेहरे पर भारी तेल, गाढ़ी क्रीम और प्रसाधन-सामग्री से बचे — इनसे छिद्र और अधिक अवरुद्ध होते हैं।
- फल-सब्जियों से युक्त संतुलित आहार ले, पर्याप्त जल पिए, अच्छी नींद ले और व्यायाम करे।
- यदि मुँहासे अधिक हों, दर्द करें या फैल रहे हों तो विज्ञापित उपायों के स्थान पर चिकित्सक (त्वचा रोग विशेषज्ञ) से परामर्श करे।