कक्षा ७ विज्ञान अध्याय 6 किशोरावस्था— वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

किशोरावस्था बाल्यावस्था और वयस्क-अवस्था के मध्य विकास की अवस्था है। यह सामान्यतः लगभग 10 वर्ष की आयु से आरंभ होकर 19 वर्ष की आयु तक रहती है। प्रत्येक व्यक्ति इसका अनुभव अपनी वृद्धि और विकास की दर के अनुसार करता है — यह भिन्नता पूर्णतः सामान्य है। यौवनारंभ वह अवस्था है जिसमें किशोर के शरीर में बाह्य और आंतरिक परिवर्तन होते हैं जिनसे वह जनन करने में सक्षम वयस्क में परिवर्तित हो जाता है। इसे द्वितीयक लैंगिक विशेषताएँ चिह्नित करती हैं — वे लक्षण जो स्त्री और पुरुष में अंतर करने में सहायक हैं परंतु जनन में प्रत्यक्षतः सम्मिलित नहीं हैं। दिखाई देने वाले परिवर्तनों में लंबाई या कद का बढ़ना , भार और बल में वृद्धि, आवाज में परिवर्तन (वाक्-यंत्र की वृद्धि, जिसे लड़कों में कंठमणि के रूप में देखा जाता है), चेहरे पर ऐक्नी तथा मुँहासे, बगल एवं जघन क्षेत्र में बालों का आना और लड़कों में चेहरे पर बाल आना

त्वरित पुनरावृत्ति
पदइसका अर्थअध्याय से उदाहरण / विवरणस्मरण रखने योग्य बात
किशोरावस्थाबाल्यावस्था और वयस्क-अवस्था के मध्य विकास की अवस्थालगभग 10 वर्ष की आयु से आरंभ होकर 19 वर्ष तकप्रत्येक व्यक्ति इसका अनुभव अपनी दर से करता है
यौवनारंभवह अवस्था जिसमें शरीर में बाह्य व आंतरिक परिवर्तन होकर व्यक्ति जनन करने में सक्षम वयस्क बनता हैद्वितीयक लैंगिक विशेषताओं के प्रकट होने से चिह्नितयौवनारंभ किशोरावस्था का एक भाग है, दोनों पर्यायवाची नहीं
द्वितीयक लैंगिक विशेषताएँवे लक्षण जो स्त्री-पुरुष में अंतर करने में सहायक हैं परंतु जनन में प्रत्यक्षतः सम्मिलित नहींलड़कों में आवाज में परिवर्तन, चेहरे व सीने पर बाल; लड़कियों में स्तनों का विकासये संकेत हैं कि शरीर वयस्क-अवस्था की तैयारी कर रहा है
वाक्-यंत्रगले में स्थित संरचना जो बोलने में सहायता करती हैलड़कों में इसकी वृद्धि से आवाज भारी हो जाती हैलड़कियों में भी विकसित होता है, पर कम — अतः आवाज में परिवर्तन बहुत कम
कंठमणि (एडम्स एप्पल)वाक्-यंत्र की वृद्धि से गले में दिखने वाला उभारअनेक किशोरवय लड़कों में दिखाई देता हैयह सभी व्यक्तियों में स्पष्ट नहीं दिखता — यह भी सामान्य है
ऐक्नी और मुँहासेत्वचा-संबंधी वह स्थिति जिसमें छोटे लाल मुँहासे, प्रायः चेहरे पर, दिखाई देते हैंत्वचा से तैलीय स्रावों के बढ़ने से छिद्र अवरुद्ध होकर संक्रमण हो जाता हैऐक्नी एक स्थिति है और मुँहासे होना उसकी अभिव्यक्ति है
आर्तव चक्र (ऋतु चक्र)किशोरवय लड़कियों में प्रति 28–30 दिन पर होने वाला चक्रकई स्वस्थ लड़कियों में यह 21–35 दिन का होता हैयह अच्छे जनन स्वास्थ्य के संकेतों में से एक है
मासिक धर्मचक्र का वह चरण जिसमें शरीर से रक्त-स्राव होता हैतीन से सात दिन तक; 45–55 वर्ष की आयु में स्वाभाविक रूप से बंदइन दिनों पेट के निचले भाग में हल्का दर्द होना सामान्य है
मासिक धर्म संबंधी स्वच्छतामासिक धर्म के दौरान स्वच्छ और सहज बने रहनासेनीटरी पैड (चित्र 6.1), पुनः प्रयोज्य वस्त्र के पैड; MHS, RKSK एवं सुविधा योजनाएँप्रयोग किया पैड अखबार में लपेटकर कूड़ेदान में डालें — शौचालय में कभी न बहाएँ
मादक पदार्थों की लततंबाकू, गुटखा, एल्कोहॉल या ड्रग्स जैसे व्यसनकारी पदार्थों का बार-बार सेवनश्वास लेने में कठिनाई, स्मरणशक्ति का क्षय और फेफड़ों की क्षति (चित्र 6.5)पहली बार और हर बार 'ना' कहें; सहायता सेवा 14446
साइबर उत्पीड़नफोन, कंप्यूटर या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर दूसरों को परेशान करनाभ्रामक संदेश, झूठी अफवाहें, बिना अनुमति व्यक्तिगत जानकारी साझा करना (चित्र 6.4)भयभीत या असहाय न हों — माता-पिता और शिक्षकों को बताएँ
हार्मोनशरीर में बनने वाले कुछ रसायन जो वृद्धि और विकास को नियंत्रित करते हैंशरीर के अलग-अलग अंगों में बनते हैं, मस्तिष्क के संकेत पर निर्मुक्त होते हैंकिशोरावस्था के परिवर्तन इसी कारण इस अवस्था में होते हैं
  1. क्रियाकलाप 6.1: आइए, चर्चा करें
  2. पाठ्य प्रश्न
  3. क्रियाकलाप 6.2: आइए, सूची बनाएँ
  4. क्रियाकलाप 6.3: आइए, सूची बनाएँ
  5. विज्ञान एवं समाज
  6. वैज्ञानिक से परिचय
  7. पाठ्य प्रश्न
  8. क्रियाकलाप 6.4: आइए, जागरूकता फैलाएँ
  9. पाठ्य प्रश्न
  10. आइए, और अधिक सीखें
  11. अन्वेषणात्मक परियोजनाएँ
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