कक्षा ७ विज्ञान अध्याय 5 हमारे आस-पास के परिवर्तन — भौतिक एवं रासायनिक के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
भौतिक परिवर्तन में केवल भौतिक गुण — आकार, आमाप, अवस्था — बदलते हैं और कोई नया पदार्थ नहीं बनता ; जैसे कागज मोड़ना, चॉक का चूरा करना, बर्फ का पिघलना। रासायनिक परिवर्तन में एक अथवा एक से अधिक नए पदार्थ बनते हैं। यह रासायनिक अभिक्रिया द्वारा होता है जिसे संक्षिप्त रूप में रासायनिक समीकरण से दर्शाया जाता है — जैसे चूने के पानी में वायु फूँकना, सिरका + बेकिंग सोडा, जंग लगना, दहन। चूने के पानी का दूधिया होना कार्बन डाइऑक्साइड का परीक्षण है। कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्सियम कार्बोनेट (श्वेत, अघुलनशील) + जल। दहन वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें पदार्थ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर ऊष्मा एवं/अथवा प्रकाश उत्पन्न करता है। इसके लिए तीन बातें आवश्यक हैं — अग्नि त्रिकोण : दहनशील पदार्थ (ईंधन), ऑक्सीजन तथा प्रज्वलन तापमान तक पहुँचाने वाली ऊष्मा । एक ही प्रक्रिया में दोनों प्रकार के परिव
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| शब्द | अर्थ | अध्याय में कहाँ | पुस्तक से उदाहरण |
|---|---|---|---|
| भौतिक परिवर्तन | ऐसा परिवर्तन जिसमें केवल भौतिक गुण (आकार, आमाप, अवस्था) बदलते हैं और कोई नया पदार्थ नहीं बनता | खंड 5.1, पृष्ठ 59 | कागज को मोड़कर वस्तुएँ बनाना; चॉक का चूरा करना; बर्फ का पिघलना |
| रासायनिक परिवर्तन | ऐसा परिवर्तन जिसमें एक अथवा एक से अधिक नए पदार्थों का निर्माण होता है | खंड 5.2, पृष्ठ 60 | चूने के पानी में वायु फूँकने पर श्वेत अघुलनशील पदार्थ का बैठना |
| रासायनिक अभिक्रिया | वह प्रक्रिया जिसके द्वारा रासायनिक परिवर्तन में नए पदार्थ बनते हैं | पृष्ठ 60 | कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड का कार्बन डाइऑक्साइड से अभिक्रिया करना |
| रासायनिक समीकरण | वह संक्षिप्त रूप जिसमें रासायनिक अभिक्रिया लिखी जाती है | पृष्ठ 61 | सिरका + बेकिंग सोडा → कार्बन डाइऑक्साइड + अन्य पदार्थ |
| चूने के पानी का परीक्षण | कार्बन डाइऑक्साइड प्रवाहित करने पर चूने का पानी दूधिया हो जाता है | क्रियाकलाप 5.3 एवं 5.4, पृष्ठ 60–61 | सिरके और बेकिंग सोडा से बनी गैस की पहचान |
| जंग लगना | लोहे पर भूरे रंग के नए पदार्थ आयरन ऑक्साइड का बनना | खंड 5.3.1, पृष्ठ 62 | जंग लगी हुई लोहे की कीलें, चित्र 5.4 |
| दहन | वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें पदार्थ ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर ऊष्मा एवं/अथवा प्रकाश उत्पन्न करता है | खंड 5.3.2, पृष्ठ 62 | मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड + ऊष्मा + प्रकाश |
| दहनशील पदार्थ | वह पदार्थ जिसका दहन होता है; इसे ईंधन भी कहते हैं | पृष्ठ 62 | लकड़ी, कागज, कपास, मिट्टी का तेल |
| प्रज्वलन तापमान | वह न्यूनतम तापमान जिस पर कोई पदार्थ आग पकड़ता है | क्रियाकलाप 5.6, पृष्ठ 64 | आवर्धक लेंस से सूर्य की किरणें केंद्रित करने पर कागज इस तापमान तक पहुँचता है |
| अग्नि त्रिकोण | दहन के लिए आवश्यक तीन बातें — ईंधन, ऑक्सीजन एवं ऊष्मा | चित्र 5.8, पृष्ठ 64 | मोमबत्ती को गिलास से ढकने पर ऑक्सीजन समाप्त होते ही लौ बुझ जाती है |
| उत्क्रमणीय / अनुत्क्रमणीय परिवर्तन | ऐसा परिवर्तन जिसमें मूल पदार्थ पुनः प्राप्त किया जा सकता है / नहीं किया जा सकता | खंड 5.5, पृष्ठ 66 | बर्फ का पिघलना — हाँ; पॉपकॉर्न बनाना — नहीं |
| अपक्षय | चट्टानों को तोड़ने वाले भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन, जिनसे अंततः मृदा बनती है | खंड 5.7.1, पृष्ठ 67 | काले बेसाल्ट पर आयरन ऑक्साइड की लाल परत, चित्र 5.10 (ख) |
| अपरदन | वायु एवं बहते जल द्वारा टूटी चट्टान, मृदा एवं तलछट का एक स्थान से दूसरे स्थान जाना — एक भौतिक परिवर्तन | खंड 5.7.2, पृष्ठ 68 | नदी के चिकने कंकड़; नदी-तल पर महीन रेत |
अभ्यास
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 5.1
- क्रियाकलाप 5.2
- क्रियाकलाप 5.3
- क्रियाकलाप 5.4
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 5.5
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 5.6
- क्रियाकलाप 5.7
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 5.8
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- आइए, और अधिक सीखें
- अन्वेषणात्मक परियोजनाएँ