कुतूहल अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
पूर्व अध्याय ‘धातुओं और अधातुओं का संसार’ में मैग्नीशियम रिबन के जलने वाले क्रियाकलाप का स्मरण कीजिए (चित्र 5.5)। क्या आप पूर्वानुमान लगा सकते हैं कि यह परिवर्तन भौतिक है या रासायनिक?
उत्तर

यह एक रासायनिक परिवर्तन है।

मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड + ऊष्मा + प्रकाश
 (रिबन)     (वायु)     (श्वेत चूर्ण)

तीन अवलोकन इसे सिद्ध करते हैं —

  1. चमकीला, रजत जैसा, लचीला रिबन समाप्त हो जाता है और पीछे श्वेत चूर्ण शेष रहता है — एक पूर्णतः भिन्न पदार्थ, मैग्नीशियम ऑक्साइड।
  2. चौंधिया देने वाला श्वेत प्रकाश तथा बहुत सी ऊष्मा उत्पन्न होती है।
  3. यह परिवर्तन उत्क्रमित नहीं किया जा सकता — श्वेत चूर्ण को प्रयोगशाला में पुनः मैग्नीशियम रिबन नहीं बनाया जा सकता।
ऐसा क्यों होता है: पर्याप्त गरम होने पर मैग्नीशियम वायु की ऑक्सीजन से संयोग कर लेता है। नए पदार्थ मैग्नीशियम ऑक्साइड में मैग्नीशियम का कोई गुण शेष नहीं रहता — न वह चमकता है, न मुड़ता है, न जलता है। जिस अभिक्रिया में कोई पदार्थ ऑक्सीजन से संयोग कर ऊष्मा एवं/अथवा प्रकाश देता है उसे दहन कहते हैं।
सावधानी: जलते हुए रिबन को सीधे मत देखिए; उसका प्रकाश आँखों को हानि पहुँचा सकता है। इसी कारण से लोहे में जंग लगना (चित्र 5.4) भी रासायनिक परिवर्तन है — वहाँ भी नया भूरा पदार्थ आयरन ऑक्साइड बनता है।
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