प्र1.
आपने अपने आस-पास अनेक परिवर्तनों का अवलोकन किया होगा। इनमें से कुछ परिवर्तन तालिका 5.1 में सूचीबद्ध किए गए हैं। आप यह देख सकते हैं कि प्रत्येक स्थिति में कुछ परिवर्तन हो रहे हैं। प्रत्येक स्थिति के इन परिवर्तनों पर कुछ क्षणों के लिए विचार कीजिए और तालिका 5.1 में अपने अवलोकन अभिलेखित कीजिए।
उत्तर
पूरी की गई तालिका 5.1 नीचे दी गई है। ध्यान दीजिए कि प्रत्येक स्थिति में ठीक-ठीक क्या बदलता है — अवलोकन स्तंभ में यही लिखना है।
| क्र.सं. | परिवर्तन | अवलोकन |
|---|---|---|
| 1. | बर्फ का पिघलना | कठोर ठोस बर्फ धीरे-धीरे द्रव जल में बदल जाती है। केवल अवस्था बदलती है; पदार्थ अब भी जल ही है। |
| 2. | सब्जियों का कटना | एक बड़ा टुकड़ा अनेक छोटे टुकड़ों में बँट जाता है। केवल आमाप एवं आकृति बदलती है; सब्जी वही रहती है। |
| 3. | जल का उबलना | बुलबुले उठते हैं, वाष्प निकलती है, जल का स्तर घटता है। द्रव जल जलवाष्प में बदलता है — अवस्था का परिवर्तन। |
| 4. | मक्का से पॉपकोर्न बनना | दाना चटककर फूट जाता है, श्वेत, मुलायम एवं फूला हुआ हो जाता है तथा गंध भी बदल जाती है। नए पदार्थ बनते हैं। |
| 5. | कागज का टुकड़ों में कटना | आमाप एवं आकृति बदलती है। प्रत्येक टुकड़ा अब भी कागज ही है। |
| 6. | चुकंदर के रस का जल में मिलना | रंगहीन जल गुलाबी अथवा गहरा लाल हो जाता है। रंग पूरे जल में फैल जाता है; कोई नया पदार्थ नहीं बनता — यह एक मिश्रण है। |
| 7. | लकड़ी का जलना | लौ, ऊष्मा, प्रकाश, धुआँ तथा अंत में राख शेष रहती है। नए पदार्थ बनते हैं और लकड़ी सदा के लिए समाप्त हो जाती है। |
| 8. | गीले वस्त्रों का सूखना | वस्त्र में उपस्थित जल वाष्पित होकर वायु में चला जाता है। वस्त्र हल्का एवं सूखा हो जाता है; वस्त्र स्वयं नहीं बदलता। |
| 9. | गूँधे हुए आटे से छोटी-छोटी लोइयाँ बनना | केवल आटे की आकृति बदलती है; वह आटा ही रहता है। |
| 10. | आटे की लोइयों से रोटियाँ बिलना | लोई चपटी एवं गोल हो जाती है। पुनः केवल आकृति बदलती है — कच्ची रोटी को फिर से लोई बनाया जा सकता है। |
| 11. | कोई अन्य — वर्षा में पड़ी लोहे की कील | चमकती कील पर खुरदरी, भूरी, परतदार तह (जंग) बन जाती है। एक नया पदार्थ बना है। |
स्वयं जाँचिए: अपने अवलोकन स्तंभ को पढ़िए। जहाँ भी आपने नई गंध, नया रंग, राख, पुनः नहीं लौटाया जा सकता जैसे शब्द लिखे हैं, वहाँ लगभग निश्चित रूप से रासायनिक परिवर्तन हुआ है।