कुतूहल अध्याय 5 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
सभी विद्यार्थी कुछ परिवर्तनों का वर्णन कर रहे हैं। वे किस प्रकार के परिवर्तनों के विषय में वार्तालाप कर रहे हैं?
उत्तर

वे हमारे दैनिक जीवन में होने वाले परिवर्तनों की बात कर रहे हैं, जिन्हें हम अपनी संवेदनाओं से अनुभव करते हैं। इनमें से दो भौतिक परिवर्तन हैं (कोई नया पदार्थ नहीं बनता) और दो रासायनिक परिवर्तन (नया पदार्थ बनता है)।

विद्यार्थी का कथनक्या बदल रहा हैपरिवर्तन का प्रकार
“आधे घंटे पूर्व मैंने यहाँ बर्फ का एक टुकड़ा रखा था। अब यह जल बन गया है।”ठोस बर्फ → द्रव जल (केवल अवस्था बदली)भौतिक — जमाकर पुनः बर्फ बनाई जा सकती है
“मैंने कल इस गुलाब के पौधे पर जो कली देखी थी वह आज फूल बन गई है।”कली खिलकर फूल बनी — नया रंग, नई गंध, पौधे के भीतर नए पदार्थ बनेरासायनिक (जैविक प्रक्रिया) — उत्क्रमित नहीं
“इस बोतल में रखा ठंडा जल अब ठंडा नहीं रहा।”केवल जल का तापमान बढ़ा हैभौतिक — ठंडा करके पुनः वैसा किया जा सकता है
“कल मैंने इस केले पर कुछ भूरे रंग के धब्बे देखे थे। आज वे और अधिक हो गए हैं तथा केले में से तीव्र गंध भी आ रही है।”पकना एवं क्षय — नए पदार्थ बनने से रंग और गंध बदलेरासायनिक — उत्क्रमित नहीं
ऐसा क्यों होता है: हम परिवर्तन को दृष्टि (बर्फ का जल बनना, भूरे धब्बे), स्पर्श (बोतल का ठंडा न रहना) और गंध (केले की तीव्र गंध) से पहचानते हैं। परंतु संवेदना केवल यह बताती है कि कुछ बदला है। परिवर्तन का प्रकार जानने के लिए एक ही प्रश्न पूछिए — क्या कोई नया पदार्थ बना? यदि हाँ, तो परिवर्तन रासायनिक है; यदि केवल आकार, आमाप, अवस्था या तापमान बदला, तो भौतिक है।
संकेत: तीव्र नई गंध रासायनिक परिवर्तन का सबसे सरल संकेत है। दूध का खट्टा होना, केले का अधिक पक जाना और भोजन का खराब होना — सभी अपनी गंध से इसकी सूचना दे देते हैं।
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