कुतूहल अध्याय 4 धातुओं और अधातुओं का संसार के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-05

इस अध्याय के बारे में

धातुएँ सामान्यत: द्युतिमय (धात्विक द्युति वाली), कठोर , आघातवर्धनीय (पीटकर पतली चादर बनाई जा सकती है), तन्य (तार में खींची जा सकती है) और ध्वानिक (निनाद ध्वनि उत्पन्न करने वाली) होती हैं। ताँबा, ऐलुमिनियम, लोहा, सोना और चाँदी धातुएँ हैं। हर नियम के अपवाद भी हैं — सोडियम और पोटैशियम इतने नरम हैं कि चाकू से काटे जा सकते हैं तथा पारा कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में रहता है। धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं। इसीलिए खाना पकाने के पात्र धातु के और उनके हत्थे लकड़ी के बनाए जाते हैं, तथा विद्युतकर्मी के पेचकस पर प्लास्टिक का आवरण और हाथों में रबड़ के दस्ताने होते हैं। कोयला (कार्बन), सल्फर और फॉस्फोरस जैसी अधातुएँ द्युतिहीन, नरम, भंगुर, अतन्य, अध्वानिक तथा ऊष्मा और विद्युत की कुचालक होती हैं। धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय होते हैं — मैग्नीशियम जलकर मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है जिसका विलयन ल

  1. पाठ्य प्रश्न
  2. क्रियाकलाप 4.1
  3. पाठ्य प्रश्न
  4. समग्र दृष्टि
  5. पाठ्य प्रश्न
  6. क्रियाकलाप 4.2
  7. पाठ्य प्रश्न
  8. क्रियाकलाप 4.3
  9. पाठ्य प्रश्न
  10. क्रियाकलाप 4.4
  11. पाठ्य प्रश्न
  12. क्रियाकलाप 4.5
  13. पाठ्य प्रश्न
  14. क्रियाकलाप 4.6
  15. पाठ्य प्रश्न
  16. क्रियाकलाप 4.7
  17. क्रियाकलाप 4.8
  18. पाठ्य प्रश्न
  19. आइए, और अधिक सीखें
  20. अन्वेषणात्मक परियोजनाएँ
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