कक्षा ७ विज्ञान अध्याय 3 विद्युत: परिपथ एवं उनके घटक के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
विद्युत सेल विद्युत ऊर्जा का एक सुवाह्य स्रोत है। इसकी उभरी हुई धातु की टोपी धनात्मक (+) टर्मिनल तथा चपटी धातु की चकती ऋणात्मक (–) टर्मिनल होती है। जब दो या दो से अधिक सेलों को इस प्रकार जोड़ा जाए कि एक सेल का धन टर्मिनल अगले सेल के ऋण टर्मिनल से जुड़े, तो यह संयोजन बैटरी कहलाता है। बैटरी अधिक समय तक तथा/अथवा अधिक ऊर्जा प्रदान करती है। तापदीप्त लैंप में धारा तंतु को गर्म कर देती है, इसलिए वह दीप्तिमान होता है। एल.ई.डी. में तंतु नहीं होता और उसमें धारा केवल एक ही दिशा में प्रवाहित हो सकती है — इसका लंबा तार धन टर्मिनल होता है। लैंप तभी दीप्तिमान होता है जब परिपथ संपूरित हो, अर्थात लैंप का एक सिरा सेल के एक टर्मिनल से और दूसरा सिरा सेल के दूसरे टर्मिनल से जुड़ा हो। धारा की दिशा सेल के धन टर्मिनल से ऋण टर्मिनल की ओर मानी जाती है। स्विच एक सरल युक्ति है जो परिपथ को पूरा (ऑन, बंद परिपथ) अथवा भं
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| पद | अर्थ | ध्यान रखने योग्य बात | अध्याय से उदाहरण |
|---|---|---|---|
| विद्युत सेल | दो टर्मिनल वाला विद्युत ऊर्जा का सुवाह्य स्रोत | धातु की टोपी = धन (+), धातु की चकती = ऋण (–) | दीवार-घड़ी अथवा टॉर्च का सेल |
| बैटरी | दो या दो से अधिक सेलों का संयोजन, एक का धन अगले के ऋण से | अधिक समय तक तथा/अथवा अधिक ऊर्जा देती है | चित्र 3.3 — दो सेलों एवं चार सेलों से निर्मित बैटरी |
| टर्मिनल | सेल, लैंप अथवा एल.ई.डी. के दो सिरे | दोनों टर्मिनल परस्पर स्पर्श नहीं करने चाहिए | प्रत्येक सेल पर अंकित + एवं – चिह्न |
| तंतु | लैंप के काँच के बल्ब के भीतर लगा पतला तार | गर्म होकर दीप्त होता है और प्रकाश देता है | चित्र 3.4 (क) का टॉर्च बल्ब |
| तापदीप्त लैंप | वह लैंप जो तंतु के गर्म होने से प्रकाश देता है | किसी भी दिशा में जोड़ने पर दीप्त होता है | पुरानी टॉर्च का बल्ब |
| एल.ई.डी. | प्रकाश उत्सर्जक डायोड — इसमें तंतु नहीं होता | धारा एक ही दिशा में; लंबा तार = धन टर्मिनल | चित्र 3.6 के विभिन्न रंगों के एल.ई.डी. |
| विद्युत परिपथ | विद्युत-धारा के प्रवाह के लिए संपूरित पथ | पथ पूरा होने पर ही लैंप दीप्तिमान होता है | चित्र 3.9 |
| धारा की दिशा | सेल के धन टर्मिनल से ऋण टर्मिनल की ओर | यह बाहरी परिपथ में मानी गई दिशा है | चित्र 3.12 (ख), स्विच ऑन |
| स्विच | परिपथ को पूरा अथवा भंग करने वाली सरल युक्ति | ऑन = बंद परिपथ; ऑफ = खुला परिपथ (वायु अंतराल) | सेफ्टी-पिन एवं ड्राइंग-पिन का स्विच, चित्र 3.11 |
| परिपथ आरेख | प्रतीकों के उपयोग से बनाया गया परिपथ का चित्र | लंबा रेखाखंड = धन, छोटा रेखाखंड = ऋण | चित्र 3.14 (क) एवं (ख) |
| विद्युत चालक | वह पदार्थ जिसमें से धारा सरलता से प्रवाहित होती है | सभी धातुएँ; तार ताँबे के बनते हैं क्योंकि यह सस्ता और सुलभ है | चाबी, सिक्का, एलुमिनियम पर्णिका, पेंसिल की लीड |
| विद्युतरोधी | वह पदार्थ जिसमें से धारा प्रवाहित नहीं हो सकती | तारों, प्लगों एवं स्विचों के आवरण इसी के बनते हैं | रबर, प्लास्टिक, काँच, लकड़ी, मोम, चीनी मिट्टी |
अभ्यास
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.1
- क्रियाकलाप 3.2
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.3
- क्रियाकलाप 3.4
- क्रियाकलाप 3.5
- क्रियाकलाप 3.6
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.7
- गहन चिंतन
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.9
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.10
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.11
- पाठ्य प्रश्न
- आइए, और अधिक सीखें
- अन्वेषणात्मक परियोजनाएँ