कुतूहल अध्याय 3 विद्युत: परिपथ एवं उनके घटक के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-05
इस अध्याय के बारे में
विद्युत सेल विद्युत ऊर्जा का एक सुवाह्य स्रोत है। इसकी उभरी हुई धातु की टोपी धनात्मक (+) टर्मिनल तथा चपटी धातु की चकती ऋणात्मक (–) टर्मिनल होती है। जब दो या दो से अधिक सेलों को इस प्रकार जोड़ा जाए कि एक सेल का धन टर्मिनल अगले सेल के ऋण टर्मिनल से जुड़े, तो यह संयोजन बैटरी कहलाता है। बैटरी अधिक समय तक तथा/अथवा अधिक ऊर्जा प्रदान करती है। तापदीप्त लैंप में धारा तंतु को गर्म कर देती है, इसलिए वह दीप्तिमान होता है। एल.ई.डी. में तंतु नहीं होता और उसमें धारा केवल एक ही दिशा में प्रवाहित हो सकती है — इसका लंबा तार धन टर्मिनल होता है। लैंप तभी दीप्तिमान होता है जब परिपथ संपूरित हो, अर्थात लैंप का एक सिरा सेल के एक टर्मिनल से और दूसरा सिरा सेल के दूसरे टर्मिनल से जुड़ा हो। धारा की दिशा सेल के धन टर्मिनल से ऋण टर्मिनल की ओर मानी जाती है। स्विच एक सरल युक्ति है जो परिपथ को पूरा (ऑन, बंद परिपथ) अथवा भं
अभ्यास
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.1
- क्रियाकलाप 3.2
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.3
- क्रियाकलाप 3.4
- क्रियाकलाप 3.5
- क्रियाकलाप 3.6
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.7
- गहन चिंतन
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.9
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.10
- पाठ्य प्रश्न
- पाठ्य प्रश्न
- क्रियाकलाप 3.11
- पाठ्य प्रश्न
- आइए, और अधिक सीखें
- अन्वेषणात्मक परियोजनाएँ