कुतूहल अध्याय 3 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या हम परिपथ को अपेक्षाकृत अधिक सरल ढंग से निरूपित कर सकते हैं?
उत्तर

हाँ। सेल, बल्ब और तारों के चित्र बनाने के स्थान पर हम प्रत्येक घटक को एक निश्चित प्रतीक से निरूपित करते हैं। इन प्रतीकों की सहायता से बनाया गया परिपथ का चित्र उसका परिपथ आरेख कहलाता है।

क्र.सं.विद्युत परिपथ का घटकप्रतीक किस प्रकार बनाया जाता है
1.विद्युत सेलएक लंबा रेखाखंड (धन टर्मिनल) और उसके पास एक छोटा मोटा रेखाखंड (ऋण टर्मिनल)
2.बैटरीदो या दो से अधिक सेल-प्रतीक एक पंक्ति में — लंबा-छोटा, लंबा-छोटा
3.विद्युत लैंपएक वृत्त जिसके भीतर क्रॉस बना हो
4.प्रकाश उत्सर्जक डायोड (एल.ई.डी.)एक रेखाखंड से सटा त्रिभुज तथा बाहर की ओर जाते दो छोटे तीर, जो प्रकाश उत्सर्जन दर्शाते हैं
5.'ऑन' स्थिति में स्विचदो छोटे वृत्त जो एक सीधी रेखा से जुड़े हों
6.'ऑफ' स्थिति में स्विचदो छोटे वृत्त, जिनमें से एक की ओर की रेखा ऊपर उठी हो
7.तारएक सीधी सादी रेखा

इन प्रतीकों को पढ़ते समय दो बातें याद रखिए:

  • सेल के प्रतीक में लंबा रेखाखंड धनात्मक टर्मिनल तथा छोटा रेखाखंड ऋणात्मक टर्मिनल को निरूपित करता है (चित्र 3.13 क)।
  • एल.ई.डी. के प्रतीक में त्रिभुज उस दिशा की ओर इंगित करता है जिस ओर धारा प्रवाहित हो सकती है, और दो तीर यह दर्शाते हैं कि एल.ई.डी. प्रकाश उत्सर्जित करती है (चित्र 3.13 ख)।
ऐसा क्यों होता है: प्रतीक बनाने में कम समय लगता है, कम स्थान घेरते हैं और सबके लिए एक ही अर्थ रखते हैं। आई.ई.सी., ए.एन.एस.आई. एवं आई.ई.ई.ई. जैसे संगठन इन मानक प्रतीकों को निर्धारित करते हैं ताकि चेन्नई का इंजीनियर और कनाडा का इंजीनियर एक ही आरेख को एक ही अर्थ में पढ़ सकें।
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