तालिका 3.2 में दर्शाए गए प्रतीकों का उपयोग करके चित्र 3.12 (क) एवं चित्र 3.10 (ग) में दिए गए विद्युत परिपथों के परिपथ आरेख बनाइए। क्या आपके द्वारा बनाए गए परिपथ आरेख क्रमशः चित्र 3.14 (क) एवं चित्र 3.14 (ख) में दर्शाए गए आरेखों के समान हैं?
उत्तर
हाँ — ठीक ढंग से बनाने पर ये आरेख बिलकुल चित्र 3.14 (क) एवं चित्र 3.14 (ख) जैसे बनते हैं।
(क) एक सेल, एक विद्युत लैंप तथा 'ऑफ' स्थिति में दर्शाया गया स्विच — चित्र 3.12 (क) का परिपथ आरेख। (ख) दो सेलों की बैटरी तथा एक एल.ई.डी. — चित्र 3.10 (ग) का परिपथ आरेख। यहाँ एल.ई.डी. का त्रिभुज बैटरी के धन टर्मिनल से दूर की ओर इंगित है, अतः धारा प्रवाहित हो सकती है और एल.ई.डी. दीप्तिमान होती है।
आरेख बनाने के चरण:
पतली सीधी रेखाओं से एक आयत बनाइए — यही संयोजी तार हैं।
ऊपरी भुजा को तोड़कर चित्र 3.12 (क) के लिए लैंप का प्रतीक (क्रॉस युक्त वृत्त) तथा चित्र 3.10 (ग) के लिए एल.ई.डी. का प्रतीक (त्रिभुज एवं रेखाखंड) लगाइए।
निचली भुजा को तोड़कर सेल का प्रतीक (चित्र 3.12 क) अथवा दो सेलों की बैटरी का प्रतीक (चित्र 3.10 ग) लगाइए। लंबा रेखाखंड + वाली ओर रखिए।
चित्र 3.12 (क) के लिए निचली भुजा को एक बार और तोड़कर स्विच लगाइए, और उसे 'ऑफ' स्थिति में बनाइए क्योंकि चित्र 3.12 (क) में वह इसी स्थिति में है।
एल.ई.डी. के लिए जाँचिए कि त्रिभुज बैटरी के धन टर्मिनल से दूर की ओर इंगित हो, अन्यथा एल.ई.डी. दीप्तिमान नहीं होगी।
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