प्र1.
धारक में दो सेल इस प्रकार लगाइए कि प्रत्येक सेल का ऋण टर्मिनल धारक में लगे स्प्रिंग की ओर रहे (चित्र 3.10 ख)। अब आपकी बैटरी प्रयोग के लिए तैयार है। आप यह कैसे सुनिश्चित करेंगे कि इस बैटरी का धन टर्मिनल कौन-सा है?
उत्तर
यह देखिए कि धारक के दोनों सिरे सेलों के किस-किस सिरे को छू रहे हैं।
- धारक का वह सिरा जो पहले सेल के धनात्मक टर्मिनल से जुड़ा है, वही बैटरी का धन टर्मिनल है।
- धारक का वह सिरा जो दूसरे सेल के ऋणात्मक टर्मिनल से जुड़ा है, वही बैटरी का ऋण टर्मिनल है।
धारक का सिरा 'क' — सेल 1 की + टोपी को छूता है → बैटरी का + टर्मिनल
धारक का सिरा 'ख' — सेल 2 की – चकती को छूता है → बैटरी का – टर्मिनल
धारक का सिरा 'ख' — सेल 2 की – चकती को छूता है → बैटरी का – टर्मिनल
संकेत: सेल-धारक में स्प्रिंग सदैव चपटी चकती से दबती है, अतः प्रत्येक सेल का स्प्रिंग वाला सिरा उसका ऋण सिरा होता है। स्प्रिंगों को देखकर चलिए तो ध्रुवता कभी गलत नहीं होगी।